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कृषिदेशवाराणसी

ओडिशा के आदिवासी किसान सीखेंगे सब्जियों की जैविक खेती

क्योंझर जिले के प्रशिक्षु किसान पहुंचे आईआईवीआर

सुशील कुमार मिश्र/वाराणसी
भा.कृ.अनु.प.-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा अन्तराज्यीय परिचयात्मक भम्रण योजना के तहत फसल विविधीकरण आधारित सात दिवसीय ओड़िशा के क्योंझर जिले के 27 आदिवासी प्रशिक्षुओं (7 महिलाओं एवं 20 पुरूषों)  को सब्जियों की उन्नत तकनीकी आधारित प्रशिक्षण प्रारम्भ किया गया। संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि आज जलवायु परिवर्तन को देखते हुये फसलों का विविधीकरण आवश्यक है जिससे कम से कम प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर अधिक से अधिक उत्पादन एवं जन-जन तक आर्थिक समृद्धि लायी जा सके। संस्थान का उद्देश्य देश के दूर-दराज क्षेत्रों में सब्जी आधारित तकनीकों को किसानों तक पहुँचाना है इसके लिये अनुसूचित जनजाति योजना, अनुसूचित जाति योजना, फार्मर फ्रस्ट प्रोग्राम, मेरा गाँव, मेरा गौरव आदि जैसे कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। इससे किसानों की आय बड़े स्तर पर बढ़ रही है और पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित हो रही है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित पोषण पखवाड़ा (08-23 अप्रैल 2025) के समापन अवसर पर निदेशक महोदय ने मानक के अनुरूप पोषण सुनिश्चित करने हेतु लोगों को पोषण ट्रैकर एप्प, सामुदायिक पोषण प्रबन्धन माड्यूल तथा बच्चों में आधुनिक जीवनशैली जनित दोषों जैसे-मोटापापन, रतौधी, एनीमिया, मधुमेह आदि को कम करने हेतु दिशा-निर्देश जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास अत्यन्त आवश्यक है। उचित पोषण हेतु प्रचुर मात्रा में सम-समायिक एवं स्थानीय फलों, सब्जियों, दालों, स्प्राउट एवं दूध से निर्मित पदार्थों के उपयोग को भोजन में सम्मिलित करने पर  बल दिया जाना चाहिए । इसके लिये संस्थान के वैज्ञानिकों ने जैविक एवं कम लागत वाली खेती पर बल दिया। इस अवसर पर संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. डी.आर. भारद्वाज, डॉ. नीरज सिंह आदि ने अपने विचारों से अवगत कराया जिससे प्रशिक्षण उपरान्त उद्यमिता विकास की ओर अग्रसर होने का अवसर मिलेगा ।

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