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बारिश में दीमक ने कर दिया दीवारों पर हमला,तो ये करे उपाय

बारिश आते ही घरों में मक्खी, कीड़े मकोड़े, चींटा, कॉकरोच जैसे बग आना शुरू हो जाते हैं। इस मौसम में सीलन बढ़ने से दीमक लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। एक बार कहीं दीमक लग जाए तो ये पूरे घर में फैल सकती है। आपके कीमती फर्नीचर को तबाह कर सकती है। सबसे बड़ी बात कि दीमक अंदर ही अंदर लकड़ी को खोखला बना देती है जिसका आपको पता भी नहीं चलता है। जब चीजें अंदर से पूरी तरह से खराब हो जाती हैं तो आपको अहसास होता है कि दीमक लगी है। ऐसे में बारशि के मौसम में दीमक लगने से पहले ये असरदार उपाय कर लें। अगर कहीं दीमक लगी है या लगने की आशंका है तो इससे दीमक को खत्म किया जा सकता है। आइये जानते हैं दीमक भगाने के असरदार उपाय क्या हैं? दीमक वह छोटे, कीड़े हैं जो सेल्यूलोज पर जीवित रहते हैं, जो लकड़ी और कागज में पाया जाता है। प्रकृति में ये कार्बनिक पदार्थों को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन घरों में इनकी मौजूदगी परेशानी का सबब बन सकती है। दीमक दीवारों के अंदर छिपकर नुकसान पहुंचाते हैं, जिसे समय रहते पहचानना जरूरी है।

दीमक भगाने के असरदार घरेलू उपाय

बोरिक एसिड- घर में कीड़े मकोड़ों को भगाने के लिए बोरिक एसिड का इस्तेमाल काफी असरदार है। अगर दीमक लगी है तो ये सफेद पाउडर आपके सबसे ज्यादा काम का है। बोरिक एसिड कॉकरोच, दीमक और दूसरे बग भगाने का काम करता है। इसके लिए बोरिक एसिड को पानी में मिक्स करके गोलियां बना लें। इसे दीमक वाली जगह या बेड और दरवाजों के आसपास, लकड़ी वाली चीजों के पास डाल दें। इससे दीमक और दूसरे कीड़े भी भाग जाएंगे।
नीम का तेल- दीमक को मारने के लिए नीम का तेल असरदार घरेलू उपाय है। नीम का तेल लगाने से घर में मच्छर और खटमल भी दूर भाग जाते हैं। बारिश में अपने घर के फर्नीचर या दरवाजों पर हल्का नीम का तेल लगा दें। जहां दीमक लगी है या पहले लगी थी उस जगह पर भी छिड़क दें। इससे दीमक भाग जाएगी और फर्नीचर भी अच्छा बना रहेगा।

लेखिका- प्राची राय

नमक- घर में नमक तो आसानी से मिल ही जाता है। नमक का इस्तेमाल करने से दीमक भी भाग सकती है। जी हां दीमक लगने से बचाने के लिए नमक का उपाय करें। दीमक जहां लगी है वहां नमक छिड़क दें। नमक में दीमक को दूर करने वाले गुण पाए जाते हैं इससे दीमक मर जाता है।
सिरका नींबू- सिरका और नींबू को मिक्स करके घोल तैयार कर लें। इस घोल को दीमक वाली जगह पर छिड़क दें। ऐसा हफ्ते में 3-4 बार करने से दीमक मर जाएगी। आप घर के दरवाजों, फर्नीचर और दीवार पर भी इसे छिड़क दें। इससे दीमक दोबारा घर में नहीं आएगी और आगे नहीं बढ़ेगी।
लौंग का तेल: लौंग का तेल दीमकों को भगाने में प्रभावी है। इसे पानी में मिलाकर प्रभावित दीवारों पर स्प्रे कर सकते हैं।
ऑरेंज ऑयल: ऑरेंज यानी संतरे का तेल दीमकों को मारने में मदद करता है और इसे दीवारों पर लगाया जा सकता है।
सफेद सिरका: सिरके को पानी के साथ मिलाकर दीमक प्रभावित क्षेत्रों पर छिड़काव करें।
पेट्रोलियम जेली: छोटे क्षेत्रों में पेट्रोलियम जेली लगाने से दीमक का प्रवेश रुक सकता है।
कैमिकल ट्रीटमेंट
क्लोरपायरीफोस और इमिडाक्लोप्रिड जैसे रासायनिक टर्मिटिसाइड आसानी से उपलब्ध हो जाता है और गंभीर दीमक के लिए प्रभावी हैं। इन्हें दीवारों के छिद्रों, नींव और प्रवेश बिंदुओं पर लगाया जाता है, जो दीमकों को संपर्क में आते ही मार देता है।
बैटिंग सिस्टम: बैटिंग में धीमी गति से काम करने वाले कीटनाशक स्टेशनों में रखे जाते हैं। दीमक इन्हें खाते हैं और अपनी कॉलोनी में साझा करते हैं, जिससे धीरे-धीरे पूरी कॉलोनी नष्ट हो जाती है।
दीमक के दुष्प्रभाव
अनियंत्रित दीमक घर की संरचना को कमजोर कर सकती है, जिससे मरम्मत में भारी खर्च आ सकता है। ये लकड़ी के फर्नीचर, किताबों और दीवारों को नष्ट कर देते हैं। इसके अलावा, कुछ कैमिकल ट्रीटमेंट के उपयोग से बच्चों और पालतू जानवरों को नुकसान हो सकता है, इसलिए प्राकृतिक उपायों को प्राथमिकता देना बेहतर होता है।
– रिसाव को ठीक करें और घर में अच्छा वेंटिलेशन सुनिश्चित करें।
– समय-समय पर दीवारों और लकड़ी की जांच करें।
– नीम, लौंग या संतरे के तेल का नियमित उपयोग दीमकों को दूर रखता है।

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