BHU:शिक्षकों ने अपनी समस्याओं को लेकर किया प्रदर्शन

सुशील कुमार मिश्र/ वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में शनिवार को 20 वर्षो में पहली बार 200 से ज्यादा शिक्षको ने केन्द्रीय कार्यालय में कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार के साथ विश्वविद्यालय की बिगड़ते स्वरूप की समस्याओं से जूझ रहे। शिक्षको के विषय को विनोद जायसवाल के माध्यम से सभी शिक्षकों के समक्ष नियमानुसार तथ्यात्मक एवं आधार युक्त बिन्दु वार रखा गया। जो मुख्यतः समयबद्ध कैस प्रमोशन यू जी सी के नियमानुसार प्रत्येक 6 महीने पर रेगुलर पोस्ट का विज्ञापन हो अथवा न हो कराने हेतु अधिसूचना जारी करने हेतु अनुरोध किया गया। उसके पश्चात पूर्व की सेवा को सितंबर 2006 के नियमानुसार 9 वर्ष सेवा कार्यकारिणी परिषद द्वारा अनुमोदित निर्णय को जोड़कर यथा शीघ्र लाभ सभी शिक्षकों को देने हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया गया ।अक्सर शिक्षक इसके लिए केन्द्रीय कार्यालय के लगाते रहते हैं चक्कर या फिर बाध्य होकर न्यायालय की शरण में जाते रहते है। यहां पर यह भी तय किया गया कि जो अधिकारी नियमों में हेर फेर कर भ्रमित करते हैं उनके विरुद्ध भी कार्रवाई किया जाना चाहिए। जिससे जहां एक तरफ सुधार होगा वहीं पूर्व कुलपति प्रोफेसर सुधीर कुमार जैन के द्वारा तानाशाह रवैया के गलत निर्णय से केसों की भरमार हो गया था इससे कम करने का प्रयास किया जाना चाहिए। जिससे जनता के धन का दुरुपयोग न हो और शिक्षक शोध, शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्य से विकास कार्यों में लग जायेंगे।नोसनल इंन्कृमेन्ट प्रमोशन होने पर आधे शिक्षको को ही दिया गया नियमानुसार सभी शिक्षकों यथा शीघ्र मिलना चाहिए।जिन लोगों का न्यायालय के कारण 10 वर्षो से कन्फर्मेशन नहीं हुआ है उनका यथाशीघ्र कन्फर्मेशन होना चाहिए। जिनकी पूर्व कुलपति के कार्यकाल में EC के द्वारा नियुक्त ही कन्फर्म नहीं हुआ था फिर भी उन लोगों का कन्फर्मेशन हो सकता है तो अन्य शिक्षको का भी कन्फर्म किया जाना चाहिए। अन्य डी ए सी पी , आवास सहित कई अन्य मुद्दों पर भी सकारात्मक वृहत् चर्चा हुई। जिसपर कुलपति द्वारा मौखिक आश्वासन दिया गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन से गलतियां हो रहा है तभी लोगों में आक्रोश आ रहा है इसे यथा शीघ्र समाधान करने का प्रयास जाएगा। इस मीटिंग में अपने अपने निम्नलिखित व्यक्ति यथा वैद्य सुशील कुमार दूबे, डाक्टर चंदन सिंह, डाक्टर धीरेन्द्र राय, डाक्टर भोला मौर्या. डॉ. रामाज्ञा राय, डॉ. बाला लखेंद्र, डॉ. विवेकानंद उपाध्याय, डॉ. शिवलोचन शांडिल्य, डॉ. अशोक कुमार ज्योति प्रोफेसर शैलेन्द्र ने भी विश्वविद्यालय की कई समस्याओं की ओर कुलपति का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अपने विचार रखे।




