
गोविन्द लाल शर्मा
आजमगढ़। जनपद के मड़या क्षेत्र में स्थित लाइफलाइन अस्पताल में मंगलवार को उस समय हंगामा मच गया, जब एक मरीज के परिजन ने अस्पताल के सुरक्षाकर्मी पर बदसलूकी और मारपीट का आरोप लगाया। इस घटना ने स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा, और मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा। परिजन और अस्पताल प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक के बाद मामला कोतवाली पुलिस तक पहुंच गया, जहां दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी।मामले में राहुल यादव पुत्र हरिशंकर यादव, निवासी उछेड़ा, थाना फेफना, जिला बलिया ने बताया कि उनके दादा लाइफलाइन अस्पताल में भर्ती हैं। मंगलवार को वह अपने दादा से मिलने के बाद अस्पताल के गेट पर चाय पीने के लिए बाहर निकल रहे थे। इस दौरान गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी ने उनके साथ कथित तौर पर बदसलूकी की। राहुल का कहना है कि जब उन्होंने सुरक्षाकर्मी से शालीनता से बात करने को कहा, तो सुरक्षाकर्मी ने उन पर हाथ उठा दिया और मारपीट शुरू कर दी। इस घटना से आक्रोशित राहुल ने इसका विरोध किया, जिसके बाद मामला और बिगड़ गया। राहुल का आरोप है कि सुरक्षाकर्मी मारपीट के बाद मौके से फरार हो गया। राहुल ने बताया कि हंगामे के बाद अस्पताल के कुछ कर्मचारी उन्हें डॉक्टर के चैंबर में ले गए, जहां उनकी बात सुनी गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और राहुल को कोतवाली ले जाया गया, जहां उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज की। राहुल ने पुलिस से सुरक्षाकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए पूरी घटना को अलग दृष्टिकोण से पेश किया। अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) डॉ. पीयूष सिंह यादव ने दावा किया कि उनके पास सीसीटीवी फुटेज मौजूद है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि राहुल यादव ने ही पहले सुरक्षाकर्मी पर हाथ उठाया था। डॉ. पीयूष के अनुसार, राहुल ने सुरक्षाकर्मी के साथ बदतमीजी की और उसके बाद हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम हैं, और सुरक्षाकर्मी केवल अपने कर्तव्यों का पालन कर रहा था।




