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कुशीनगर

कौन है करन यादव ? रामकोला सीएचसी पर नही हिलता है करन के मर्जी के बिना एक भी पत्ता

प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ एसके विश्वकर्मा का करन यादव को प्राप्त है संरक्षण

पूर्व सीएमओ के निरीक्षण मे खुल चुका है करन की दलाली और डाॅ. विश्वकर्मा के संरक्षण की पोल

कुशीनगर। जनपद के रामकोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक दलाल का वर्चस्व इस कदर कायम है कि मरीजों की कौन कहे यहां के स्टाफ भी खौफजादा है। ऐसी चर्चा है कि बाहर का दवा लिखवाने से लेकर बाहर कहा जांच करवानी है सब कुछ यह दलाल तय करता है। मतलब यह कि इस दलाल के मर्जी के बिना इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक पत्ता भी नही हिल सकता है, और यह सब कुछ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. एसके विश्वकर्मा के शह पर होता है। बताया जाता है कि प्रभारी चिकित्साधिकारी ने अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए  इस दलाल को पाल रखा है जो खुलेआम अपने दबंगई का धौस जमाकर मरीजो और स्टाफ के लोगो का हर स्तर से शोषण करता है। हम बात कर रहे करन यादव नामक शख्स का, जो खुद को सपा का नेता बताकर रामकोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अपना दबदबा कायम किया हुआ है। यहां बताना जरूरी है कि अप्रैल -2024 मे तत्कालीन सीएमओ डाॅ सुरेश पटारिया ने बतौर दलाल करन यादव और उसके एक सहयोगी साथी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उस समय धरदबोचा था जब वह किसी की शिकायत पर भेष बदलकर सीएचसी का निरीक्षण करने रामकोला पहुचे थे।
फ्लैशबैक
बात 13 अप्रैल-2024 की है किसी ने रामकोला सीएचसी पर दलालो का कब्जा से संबंधित शिकायत साक्ष्य के रूप मे वीडियो के साथ तत्कालीन सीएमओ डाॅ सुरेश पटारिया से की थी। मामले को संज्ञान लेते हुए सीएमओ डाॅ पटारिया प्राइवेट वाहन से गमछे से मुंह बांधकर प्राइवेट वाहन से रामकोला सीएचसी पहुंचे थे पीछे से पुलिसकर्मी भी पहुंच गए। मास्क लगाने के बाद डाॅ.पटारिया ने पर्ची काउंटर से पर्ची ली और प्रभारी चिकित्साधिकारी एसके विश्वकर्मा के कक्ष में पहुंचे। पहचान छिपाए पूर्व सीएमओ डॉ. पटारिया ने पेट दर्द और बुखार की समस्या बतायी। इसके बाद डॉक्टर एसके विश्वकर्मा ने पर्ची पर पांच दवाएं लिखी। इनमें दो दवाएं बाहर की थीं। बाहर से दवा लिखने पर आपत्ति के बाद सीएमओ को डॉक्टर और कर्मचारियों ने पहचान लिया। नतीजतन सीएचसी और डॉक्टरों के आवास पर मौजूद दलालों में भगदड़ मच गई थी। उस दौरान पुलिस ने सीएचसी पर मौजूद दलाल करन यादव के सहयोगी साथी को दौड़ाकर दबोच लिया, जबकि करन मौके से भागने में सफल रहा। इसके बाद डाॅ पटारिया ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ एक विश्वकर्मा की जमकर क्लास लगायी और दलालों को शह देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
चेतावनी का नहीं रहा असर
सूत्र बताते है कि पूर्व सीएमओ सुरेश पटारिया द्वारा मौके पर पकडे गये दलाल और दलालो को शह देने वाले प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ विश्वकर्मा को फटकार के साथ चेतावनी देने के बाद भी सीएचसी रामकोला के व्यवस्था में रत्तीभर सुधार नही हुआ आज भी डाॅ. विश्वकर्मा के शह पर करन यादव का सीएचसी पर दबदबा कायम है सूत्र बताते है डाॅ. विश्वकर्मा द्वारा पाले गये दलाल करन प्रति माह मेडिकल स्टोर से लेकर अल्ट्रासाउंड व डायग्नोस्टिक सेन्टरो से लाखो रुपये की वसूली कर डाॅ विश्वकर्मा को देता है यही वजह है कि करन यादव पूरे सीएचसी पर दबदबा बनाया हुआ और मरीजो से लगायत स्टाफ के लोगो का शोषण कर्ता है।
प्रभारी चिकित्साधिकारी बोले
इस संबंध मे प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. एसके विश्वकर्मा से पूछा कि करन यादव आपके सीएचसी पर कार्यरत है क्या? इस पर उन्होने कहा कि नही वह यहा कार्यरत नही है किन्तु बाद मे कहा कि करन ड्राइबर है। करन के दलाली के संबंध मे पूछे जाने पर डाॅ विश्वकर्मा ने तत्काल फोन काट दिया। इधर जब मीडिया ने करन से बात किया है तो करन का कहना है कि सारे आरोप गलत है।
रिपोर्ट – संजय चाणक्य

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