
न्यूयॉर्क। न्यूयॉर्क के विश्व प्रसिद्ध कार्नेगी हॉल का मुख्य ‘स्टर्न ऑडिटोरियम’ भारतीय कला और जीवंत संस्कृति के अनूठे रंग में सराबोर हो उठा। अवसर था ‘ऑल-इंडियन डांस फेस्टिवल 2026’ का, जिसमें 387 युवा कलाकारों ने भारत की समृद्ध शास्त्रीय और लोक नृत्य शैलियों की एक शानदार सामूहिक प्रस्तुति देकर वैश्विक मंच पर इतिहास रच दिया। दो घंटे चले इस भव्य सांस्कृतिक महाकुंभ को देखने के लिए करीब 2,800 दर्शक मौजूद थे। यह ऐतिहासिक आयोजन न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूतावास और फिलाडेल्फिया के प्रमुख गैर-लाभकारी नृत्य संगठन ‘थ्री अक्षा’ की संस्थापक व प्रसिद्ध नृत्यांगना विजी राव के संयुक्त प्रयासों द्वारा आयोजित किया गया। यह महोत्सव अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ (4 जुलाई) के ठीक एक दिन बाद आयोजित किया गया। इस टाइमिंग ने कार्यक्रम में भारत-अमेरिका के प्रगाढ़ होते सांस्कृतिक संबंधों का एक अनूठा और गहरा एंगल जोड़ दिया। इस मंच ने यह साबित किया कि कला किस तरह दोनों लोकतांत्रिक देशों के नागरिकों और प्रवासी समाज को आपस में जोड़ती है। कार्यक्रम में भाग लेने वाले अधिकांश कलाकार अमेरिका (न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी, फिलाडेल्फिया और डेलावेयर) में ही जन्मे और पले-बढ़े भारतीय-अमेरिकी मूल के युवा थे। इसके बावजूद, उनके द्वारा प्रस्तुत कथक, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, ओडिसी, मोहिनीअट्टम जैसे शास्त्रीय रूपों तथा गरबा व भांगड़ा जैसे लोक नृत्यों की शुद्धता और लय ने उपस्थित अमेरिकी व वैश्विक दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य राजदूत बिनया श्रीकांत प्रधान ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इन युवा प्रवासी कलाकारों ने अपनी कला से 5,000 साल पुरानी भारतीय सभ्यता की गहराई, विविधता और उसकी निरंतरता को वैश्विक मंच पर जीवंत रखा है।भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कॉन्सुलेट ने ‘थ्री अक्ष’ और विजी राव के साथ मिलकर भारत के सभी क्षेत्रों की विभिन्न नृत्य शैलियों को वैश्विक मंच पर एक साथ लाने का काम किया। कॉन्सुल जनरल बिनया श्रीकांत ने भारतीय संस्कृति की गहराई, विविधता और जीवंत निरंतरता पर प्रकाश डाला और कलाकारों, नृत्य विद्यालयों तथा कलाकारों के माता-पिता/परिवार के सदस्यों को भारतीय संस्कृति से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद दिया। महावाणिज्य दूतावास ने आगे कहा इस महोत्सव ने न केवल भारतीय नृत्य की विविधता को प्रदर्शित किया, बल्कि अमेरिका के बहुसांस्कृतिक ताने-बाने में भारतीय प्रवासियों के अमूल्य सांस्कृतिक योगदान को भी रेखांकित किया। रिपोर्ट- शाश्वत तिवारी




