कानपुर में सादगी से मुस्लिम शादियों के लिए चलेगा अभियान
जमीयत उलमा शहर की बैठक में किया गया फैसला, एक सर्वधर्म प्रतिनिधि समिति का गठन जल्द किया जाएगा, वर्तमान परिस्थितियों में संगठन का एकजुट होना जरूरी,
कानपुर। जमीयत उलमा शहर कानपुर की कार्यकारिणी और स्थानीय पदाधिकारियों की रजबी रोड स्थित जमीयत भवन में बैठक में मुख्य अतिथि मौलाना अब्दुल्ला कासमी ने कहा कि वर्तमान नाजुक परिस्थितियों में जमीयत के कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी दोगुनी हो गई है। संगठनात्मक मजबूती समय की सबसे बड़ी मांग है ताकि हर स्तर पर एकजुट होकर चुनौतियों का सामना किया जा सके।
उन्होंने पदाधिकारियों से वार्ड और विधानसभा क्षेत्र स्तर तक व्यवस्था को सक्रिय करने तथा सेवा भाव से काम करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण कार्यशाला (ट्रेनिंग वर्कशॉप): संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए 19 जुलाई को जाजमऊ में एक दिवसीय विशाल प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। यह वर्कशॉप आपसी सहयोग से होगी, जिसके लिए पदाधिकारियों ने आर्थिक सहयोग की घोषणा भी की। जल्द ही विधानसभा इकाइयां अपना बजट तय करेंगी और एक QR Code भी जारी किया जाएगा।
समाज सुधार के अंतर्गत एक 7-सदस्यीय केंद्रीय समिति और सभी वार्डों में उप-समितियां गठित होंगी। ये समितियां नशाखोरी, दहेज, डीजे और शादियों में फिजूलखर्ची जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ निरंतर अभियान चलाएंगी। वार्ड स्तर पर हर 7 दिन और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर हर 15 दिन में इसकी समीक्षा बैठक होगी।
समाज के विभिन्न वर्गों और धर्मों के बीच आपसी दूरियां मिटाने और साझा मुद्दों पर बात करने के लिए जनाब शारिक नवाब की देखरेख में एक सर्वधर्म प्रतिनिधि समिति का गठन जल्द किया जाएगा।
JEM (जस्टिस एंड एंपावरमेंट आफ माइनॉरिटीज): इसके तहत हर वार्ड से ऊर्जावान युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य 12 जुलाई तक पूरा किया जाएगा।
आगामी जुलूस-ए-मोहम्मदी के शांतिपूर्ण और व्यवस्थित संचालन के लिए 7-सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जिसमें शहर अध्यक्ष डॉ. हलीम उल्लाह खान, जुबैर अहमद फारुकी, कारी अब्दुल मुईद, मौलाना अंसार जामई, शारिक नवाब, मुफ्ती इजहार मुकर्रम और मौलाना अकील अहमद जामई शामिल हैं। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों के सक्रिय युवाओं की सूची 10 दिनों में तैयार होगी।
आगामी ‘सफ़र’ के महीने में बालिकाओं की नैतिक व धार्मिक शिक्षा के लिए पूरे शहर में महिला सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा। मौलाना कलीम अहमद जामी, मौलाना अनीसुर रहमान कासमी और मुफ्ती इजहार मुकर्रम कासमी अगले 10 दिनों में इन सम्मेलनों की रूपरेखा, स्थान और तारीखें तय करेंगे।
बैठक के अंतिम सत्र में उपाध्यक्ष जुबैर अहमद फारुकी ने संगठन के प्रति ईमानदारी से जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया। वहीं मुफ्ती अब्दुल रशीद कासमी ने नई पीढ़ी और विशेषकर मुस्लिम बच्चियों की धार्मिक व नैतिक तरबीयत (शिक्षा) पर विस्तृत चर्चा की और वर्तमान दौर के फितनों से बचाने के लिए महिला इज्तिमा को बेहद जरूरी बताया।
बैठक के अंत में शहर जमीयत के उपाध्यक्ष मौलाना मोहम्मद अनीस खान साहब और पूर्व शहर अध्यक्ष स्वर्गीय मौलाना अनवार अहमद साहब जामई की पत्नी के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए विशेष दुआ कराई गई। बैठक में मुख्य रूप से मुफ्ती अब्दुल रशीद कासमी, मौलाना अनीसुर रहमान कासमी, मौलाना फरीद कासमी, हाफिज रिजवान मक्की, मौलाना कलीम अहमद जामई, मौलाना सज्जाद कासमी, कारी अब्दुल मुईद चौधरी, मुफ्ती इजहार मुकर्रम कासमी, मौलाना अंसार अहमद जामई, मौलाना मसूद अहमद जामी, हाफिज सलमान जामी, कारी बदरुज्जमा कुरैशी, हाफिज अबरार जामी, हकीम मुजम्मिल, परवेज उल्लाह भाई और मौलाना तल्हा कासमी आदि मौजूद रहे।



