भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की बांकीपुर सीट पर होगा रोचक मुकाबला
प्रशांत किशोर के सामने होंगे भाजपा के अभिषेक कुमार, राजद ने महिलाओं को अपने पाले में करने के लिए रेखा को मैदान में उतारा, नितिन नबीन के साथ सीएम सम्राट चौधरी के लिए भी है चुनौती
कानपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की बांकीपुर सीट पर उप चुनाव के लिए भाजपा ने अभिषेक कुमार बंटी को प्रत्याशी बनाया है। उनके सामने जनस्वराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर होंगे। नितिन नबीन कई बार इस क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। अब इस सीट को जिताना भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए भी प्रतिष्ठा का सवाल बन गई है। एक बात तो तय हो गई कि यह उप चुनाव हाई प्रोफाइल हो गया है। पार्टियों को चुनाव लड़वाने वाले प्रशांत किशोर इस बार खुद चुनाव मैदान में हैं।
जनस्वराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर चुनावी रणनीतिकार रहे हैं। उन्होंने पहले भाजपा, कांग्रेस, त्रिमूल कांग्रेस को भी चुनाव लड़वाया है। वह बिहार में अपनी सियासी जमीन तलाश रहे हैं। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उनके हाथ नाकामी लगी। उनका एक भी प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सका। हालांकि उन्होंने इसके लिए भाजपा और जनता दल यूनाइटेड सरकार की महिलाओं के खातों में दस-दस हजार रुपये भेजने को बताया। उन्होंने बिहार में पलायन, बेरोजगारी, शिक्षा और उद्योगों की कमी को मुद्दा बनाया। इसके बाद भी जनता ने पिछले विधानसभा चुनाव में उनको नकार दिया। बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा का गढ़ रही है। इस सीट से नितिन नबीन कई बार विधायक रह चुके हैं। पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में पार्टी को और मजबूत बनाने के लिए नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया। राज्यसभा के सदस्य बनने के बाद नितिन नबीन ने अपनी विधानसभा सीट छोड़ दी। इसके बाद से ही प्रशांत किशोर ने इस सीट पर अपनी नजरें गड़ा ली थीं।
सूत्र बताते हैं कि जनस्वराज नेताओं ने इस सीट का रुझान भी जाना। नितीश कुमार को सीएम की कुर्सी से हटाकर भाजपा ने उनको राज्यसभा भेज दिया है। उनके स्थान पर भाजपा ने सम्राट चौधरी को सीएम बनाया है। प्रशांत किशोर के निशाने पर बिहार के सीएम हैं। वह जब भी मौका मिलता है सीएम पर कटाक्ष करते हैं। उधर, आरजेडी ने महिला नेता रेखा गुप्ता पर दांव लगाया है। उप चुनाव में सत्ताधारी दलों को फायदा मिलता है। क्योंकि प्रशासन भी उनका हिमायती होता है। साथ ही क्षेत्र की जनता भी विकास के लिए उसी पर अधिक विश्वास जताती है जिसकी प्रदेश में सरकार होती है लेकिन इस समय नितीश कुमार की गैरमौजूदगी में चुनाव हो रहा है। साथ ही राम मंदिर में चंदा चोरी का मुद्दा तेजी से चल रहा है। बिहार में कई पुल टूट चुके हैं। सड़कों की भी हालत खराब है। कानून व्यवस्था की हालत भी दिन ब दिन खराब होती जा रही है। छिनैती, लूट औऱ हत्याओं का ग्राफ बढ़ गया है। इसलिए यह उप चुनाव सीएम सम्राट चौधरी के लिए चुनौती से कम नहीं है। अगर किस तरह प्रशांत किशोर अपनी रणनीति से यह सीट जीतने में कामयाब होते हैं तो भाजपा-जेडीयू गठबंधन के लिए भी खतरा पैदा हो जाएगा।आरजेडी ने रेखा गुप्ता को प्रत्याशी बनाया है। रेखा के बहाने पार्टी महिलाओं को लामबंद करने की कोशिश करेगी। कुल मिलाकर यह चुनाव बहुत ही दिलचस्प हो

भाजपा-प्रत्याशी-अभिषेक-कुमार।.

ने जा रहा है। इसमें अगर प्रशांत किशोर जीते तो उनको पहली बार विधानसभा जाने का मौका मिलेगा। भाजपा हारी तो राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ सीएम पर भी सवाल उठेंगे। इसलिए यह चुनाव जीतने के लिए सभी प्रत्याशी जीजान लगाएंगे। इस उप चुनाव के नतीजे आगे के सियासी गठबंधन पर भी असर डालेंगे। चाहे वह एनडीए हो या इंडिया गठबंधन। अगर प्रशांत किशोर जीते तो आगे दोनों ही गठबंधन के लिए वह खतरा होंगे।



