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राजनीतिवाराणसी

वाराणसी : पुरानी पेंशन संविदा कर्मियों की नियमितिकरण व‌ निजीकरण के खिलाफ होगा आंदोलन: सुभाष लांबा   

अजीत पाण्डेय /वाराणसी।अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली सभी ठेका संविदा कर्मियों को नियमित करने सरकारी विभागों व पीएसयू को निजीकरण से बचाने व देश में करोड़ों रिक्त पदों को भर बेरोजगारों को स्थाई रोजगार देने आदि मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने यह ऐलान शुक्रवार को सर्किट हाउस वाराणसी उप्र में आयोजित पत्रकार वार्ता में बोलते हुए किया। वार्ता में उनके साथ अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस.पी. सिंह,उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के महामंत्री अशोक कुमार सिंह राज्य अध्यक्ष कमल अग्रवाल उप्र लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष पद्मनाथ त्रिवेदी उप्र चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के राज्य उपाध्यक्ष परमेश्वर सिंह जिला अध्यक्ष विजय कुमार बाबा व महामंत्री विजय यादव मौजूद थे।

अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार नव उदारवादी आर्थिक नीतियों को आक्रमकता के साथ लागू कर रही है। जिससे आर्थिक असमानता बेरोजगारी महंगाई भ्रष्टाचार देश पर कर्ज व‌ कुपोषण बढ़ रहा है। कारपोरेट घरानों के लाखों करोड़ रुपए सरकारी बैंकों से लिए कर्जों और टैक्सों को माफ किया जा रहा है और दूसरी तरफ आम आदमी पर टैक्सों का बोझ लादा जा रहा है। जन सेवाओं से सरकारी विभागों और पीएसयू को कोड़ियां के भाव में निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। जिसके कारण जन सेवाएं आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि 29 श्रम कानूनों को खत्म कर बनाए गए चार लेबर कोड्स मजदूरों की गुलामी का दस्तावेज है और हड़ताल करने यूनियन बनाने व सामूहिक सौदेबाजी के अधिकार पर जबरदस्त हमला है। उन्होंने कहा कि बिजली संशोधन बिल पारित हुआ तो सब्सिडी और क्रॉस सब्सिडी खत्म हो जाएगी। जिसके कारण बिजली भी गरीब व किसान की पहुंच बाहर हो जाएगी। उन्होंने विधुत कर्मचारी संयुक्त संधर्ष समिति उप्र द्वारा पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल वितरण निगम के निजीकरण करने के फैसले के खिलाफ एक साल से ज्यादा समय से चल रहे ऐतिहासिक आंदोलन के साथ एकजुटता प्रकट की और सरकार से निजीकरण और स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग का फैसला वापस लेना की मांग की। अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसपी सिंह ने पेंशनर्स की 65,70,75 व 80 साल की उम्र में बेसिक पेंशन में पांच प्रतिशत बढ़ोतरी करने और कम्युटेशन राशि 15 की बजाय दस साल में रिकवरी करने की मांग की।

उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के राज्य अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि उप्र सरकार निरंतर संधर्ष व पत्राचार करने के बावजूद पुरानी पेंशन बहाली नहीं कर रही है जिसका सरकार को चुनाव में खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आज राज्य में पचास प्रतिशत से ज्यादा ठेका संविदा कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। जहां उनका भारी शोषण हो रहा है लेकिन सरकार उनको नियमित करने की पालिसी बनाने को तैयार नहीं है। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के महामंत्री अशोक कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने अब तक के कार्यालय में कर्मचारियों के किसी भी संगठन से उनकी मांगों एवं समस्याओं पर बातचीत नहीं की। इससे लगता है कि सरकारी कर्मचारी और उनकी मांगे सरकार के एजेंडे में नहीं हैं। उन्होंने इसकी निंदा करते हुए अविलंब उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ को बातचीत के लिए आमंत्रित करने की मांग की। उप्र लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष पद्मनाथ त्रिवेदी ने कहा कि हमारा संगठन उप्र राज्य कर्मचारी महासंघ के सभी प्रोग्रामों में बढ़ चढ़कर शामिल होगा।

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