लखनऊ। विक्टोरिया स्ट्रीट स्थित इमामबाड़ा नाजिम साहब में मौलाना कल्बे जव्वाद ने अलविदाई मजलिस को खिताब किया। उन्होंने कहा कि अजादारी जनाबे फातिमा जहरा की तमन्ना का नाम है। मौलाना ने कहा कि रसूल की बेटी जनाबे फ़ातिमा जहरा को यह फिक्र थी कि उनके बच्चों के गम में आंसू कौन बहाएगा। तब रसूल ने कहा था कि एक कौम पैदा होगी जो हुसैन का गम मनाएगी।
मौलाना ने 6 महीने के हजरत अली असगर की शहादत को बयान किया तो लोग जारोकतार रोने लगे।मजलिस खत्म होते ही मोहम्मद मुर्तजा अलविदाई अलम लेकर इमामबाड़े से बाहर निकले तो हजारों लोग अलम को चूमने के लिए दौड़ पड़े। अलम के आगे-आगे बढ़ी तादाद में लोग कमा व जंजीरों का मातम करते हुए चल रहे थे।यह जुलूस अकबरी गेट, नक्खास, बिलोचपुरा चौराहा, गिरधारी सिंह इंटर कालेज, मंसूर नगर तिराहा, रौजा -ए-काजमैन, कर्बला दिया नतुद्दौला होता हुआ रौजा शबीहे नजफ़ की ओर रवाना हुआ। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।



