शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाया

प्रयागराज । उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, में भारत का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह परंपरागत ढंग से सादगी एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन से हुआ। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार, पूर्व पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था केवल अभ्यर्थियों के चयन का विषय नहीं, बल्कि सुशासन एवं जनविश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। प्रत्येक अभ्यर्थी को उसकी प्रतिभा, योग्यता एवं परिश्रम के आधार पर समान अवसर उपलब्ध कराना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। परीक्षा की शुचिता एवं विश्वसनीयता केवल प्रश्नपत्र की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रश्नपत्र तैयार किए जाने से लेकर उसके मुद्रण, परिवहन, सुरक्षित भंडारण, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाओं, अभ्यर्थियों के सत्यापन, निगरानी तथा परिणाम तैयार किए जाने तक संपूर्ण प्रक्रिया को सुरक्षित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाया जाना आवश्यक है।
अध्यक्ष ने बताया कि आयोग द्वारा परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, जीपीएस आधारित परिवहन व्यवस्था, बारकोड आधारित ट्रैकिंग तथा एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण व्यवस्था जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक तभी प्रभावी एवं सार्थक सिद्ध हो सकती है, जब उसके साथ ईमानदार क्रियान्वयन, स्पष्ट उत्तरदायित्व एवं सुदृढ़ प्रशासनिक इच्छाशक्ति सुनिश्चित हो। आयोग का उद्देश्य मात्र तकनीक सक्षम परीक्षा व्यवस्था नहीं, बल्कि ऐसी तकनीक-सक्षम एवं उत्तरदायित्व- आधारित परीक्षा प्रणाली विकसित करना है, जिसमें प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो। उन्होंने संकल्प दोहराया कि प्रत्येक निर्णय के केंद्र में अभ्यर्थी का विश्वास तथा योग्यता का सम्मान रहे। भर्ती एवं चयन प्रक्रियाओं में निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं समान अवसर सुनिश्चित करते हुए ऐसी सुदृढ़ व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिस पर आने वाली पीढ़ियाँ गर्व एवं विश्वास कर सकें। समारोह में आयोग के सदस्यगण, सचिव, समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।




