न्यूयॉर्क से दुबई तक आजादी का जश्न, तिरंगे की रोशनी से जगमगाई उठी दुनिया

नई दिल्ली। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न केवल देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वैश्विक मंच पर भी इसकी भव्य गूंज सुनाई दी। दुनिया भर के विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावासों, उच्चायोगों और महावाणिज्य दूतावासों ने इस ऐतिहासिक अवसर को अत्यंत हर्षोल्लास, गौरव और देशभक्ति के माहौल के साथ मनाया। भारतीय मिशनों द्वारा आयोजित इन भव्य कार्यक्रमों में विदेशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के साथ-साथ स्थानीय विदेशी नागरिकों, राजनेताओं और गणमान्य हस्तियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समारोहों की शुरुआत पारंपरिक रूप से भारतीय राष्ट्रध्वज ‘तिरंगा’ फहराने और राष्ट्रगान के गायन के साथ हुई। इसके बाद, सभी मिशनों के प्रमुखों (राजदूतों और उच्चायुक्तों) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम दिए गए आधिकारिक संबोधन को पढ़कर सुनाया। खाड़ी देशों से लेकर अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीकी महाद्वीप तक फैले भारतीय मिशनों में तिरंगे के रंगों की रोशनी और देशभक्ति के गीतों ने माहौल को पूरी तरह भारतमय बना दिया।न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने ‘एक्स’ पर लिखा, मिशन ने भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस बहुत जोश के साथ मनाया। स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रपति जी का राष्ट्र के नाम संबोधन पढ़कर सुनाया। भारतीय समुदाय के सदस्यों ने इसमें पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

वहीं दूसरी ओर जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने तिरंगा फहराया और 500 से ज़्यादा भारतीय प्रवासियों की मौजूदगी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संबोधन को पढ़कर सुनाया। मिशन ने एक्स पर एक पोस्ट में इसे भारत की यात्रा, एकता और अटूट जज़्बे का एक गर्व से भरा और प्रेरणादायक जश्न बताया। अमेरिका की प्रसिद्ध एम्पायर स्टेट बिल्डिंग, ग्रैंड सेंट्रल टर्मिनल, नियाग्रा फॉल्स और ब्लूमबर्ग के न्यूयॉर्क हेडक्वार्टर, दुबई की बुर्ज खलीफा, यरूशलेम के कॉर्ड्स ब्रिज जैसी प्रतिष्ठित इमारतें पूरी तरह भारतीय तिरंगे के केसरिया, सफेद और हरे रंगों की रोशनी से जगमगा उठीं। अन्य बड़े वैश्विक शहरों की ऐतिहासिक विरासतों और गगनचुंबी इमारतों पर भी भारत के प्रति सम्मान का ऐसा ही शानदार और विहंगम दृश्य देखने को मिला। वहीं रूस के मॉस्को में भारतीय प्रवासियों ने भव्य बाइक रैली निकालकर जश्न मनाया। सांस्कृतिक दृष्टिकोण से यह वैश्विक उत्सव भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ और सांस्कृतिक कूटनीति का एक अनूठा प्रदर्शन बनकर उभरा। विभिन्न दूतावासों में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों और भारतीय समुदाय के बच्चों ने भरतनाट्यम, भांगड़ा और कथक जैसे पारंपरिक नृत्यों की सुंदर प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर प्रवासी भारतीयों ने अपनी मातृभूमि के विकास, आत्मनिर्भरता और ‘विकसित भारत’ के संकल्प में अपना निरंतर योगदान देने की प्रतिबद्धता को दोहराया।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)



