देवरिया : धुएं की चादर बनी मौत का कारण, युवक जिंदा जला

असगर अली, ब्यूरो चीफ/ देवरिया । जनपद के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के विरवा गांव निवासी मुसाफिर (40) पत्नी सुनीता और 3 बच्चों टिंकू (11), काजल (8) और छोटू (6) के साथ रहते थे। वह पुणे में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। मुसाफिर की भांजी की शादी थी। इसीलिए शनिवार शाम 4 बजे मुसाफिर अपनी बहन इसरावती के घर अपने लड़के को लेकर बाइक से ईशरपुरा जा रहे थे। अभी वह रुद्रपुर-पचलड़ी मार्ग पर पहुंचे थे। वहां काशीपुर गांव के पास के 100 एकड़ से ज्यादा के खेतों में पहले से ही पराली जल रही थी। पराली की आग सड़क किनारे झाड़ियों तक पहुंच गई थी।धुएं ने पूरी सड़क को ढक लिया था। कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। मुसाफिर धुएं वाले क्षेत्र से गुजर रहे थे। धुएं की वजह से उसे अपने आगे चल रहा ट्रक नहीं दिखाई दिया। उसकी बाइक पीछे से ट्रक में घुस गई। इसके चलते मुसाफिर झाड़ियों में लगी आग में बाइक सहित गिर गए। जिससे वह बुरी तरह घायल होगे। बाइक पर सवार उनका बेटा सड़क के दूसरी तरफ फेंका गया।मुसाफिर घायल होने के कारण वह उठ नहीं पाए और आग में जिंदा जल गए। उनका शरीर लगभग 30 मिनट तक जलता रहा। इस बीच लोग बाल्टी से पानी डालकर आग बुझाते रहे।इस बीच एक और बाइक सवार धुएं की वजह से सड़क पर फिसलकर गिर गया। उसकी बाइक भी आग में चली गई। लेकिन, वह खुद मुसाफिर के बेट की तरफ जा गिरा। उसने जैसे ही बच्चे को देखा, तुरंत उसे उठा लिया और खुद भी सड़क के किनारे जा खड़ा हुआ। इस बीच मुसाफिर जलता रहा।स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव और दोनों जली हुई बाइकों को कब्जे में ले लिया। घायल बच्चे को इलाज के लिए रुद्रपुर स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। जहां पर बच्चे का इलाज चल रहा था। प्रशासन की कड़े निर्देश के बावजूद पराली जलने का शिलशिला जारी है जिस से कई तरह की घटनाएं हो रही है। उसी का नतीजा है कि ऐसी घटना होगया।



