गाजीपुर : 22 भर्ती परीक्षाओं में पीडीए आरक्षित सीटों में की लूट – डॉ विरेंद्र यादव
भर्ती परीक्षाओं के सवाल पर समाजवादी पार्टी की प्रेस वार्ता

गाजीपुर। प्रदेश सरकार द्वारा की गयी भर्ती परीक्षाओं में पीडीए आरक्षण घोटाले के सवाल पर समाजवादी पार्टी की प्रेस वार्ता आयोजित की गई। जिसमें जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, विधायक डॉ विरेन्द्र यादव, विधायक शोएब अंसारी, राष्ट्रीय सचिव राजेश कुशवाहा,पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव, मीडिया प्रभारी अरूण कुमार श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से कहा कि योगी सरकार सरकारी नौकरियों की भर्ती में पीडीए को मिलने वाले आरक्षण की लूट कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के संविधान को लगातार भाजपा सरकार कमजोर कर रही है। प्रदेश की सरकार संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण के अधिकार को लगातार छिन रही है। संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण को धीरे धीरे कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने सरकारी नौकरियों में हुए क्रमवार घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इस सरकार ने कुल 22 भर्ती परीक्षाओं में 11,514 पीडीए आरक्षित सीटों की लूट की है। उन्होंने पीडीए आरक्षण घोटाले की एक पुस्तिका जारी करते हुए बताया कि इस सरकार ने 69 हजार शिक्षक भर्ती में 7933 ,वन और वन्य जीव रक्षक भर्ती में 88, बांदा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी भर्ती में 5,ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती में 232,नेत्र परीक्षण अधिकारी भर्ती में 47, यूपीएसएससी कनिष्ठ सहायक, कनिष्ठ लिपिक एवं सहायक स्तर तृतीय श्रेणी की भर्ती में 300, प्रवर्तन कांस्टेबल भर्ती में 34, लखीमपुर कोआपरेटिव बैंक भर्ती में 8, यूपीएससी आशुलिपिक भर्ती में 37,यूपीएसएससी कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती में 434, लेखपाल भर्ती में 960, पशु चिकित्सक भर्ती में 81, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी भर्ती में 55, चिकित्सा अधिकारी आयुर्वेद भर्ती में 54, चिकित्सा अधिकारी होमियोपैथिक भर्ती में 2,युपीएस एससी अमीन, नीलामकर्ता भर्ती में 19, युपीएस एससी लिपिक सह टंकण भर्ती में 9,यूपीएस एससी सहायक कोषागार लेखाकार भर्ती में 58,युपीएस एससी अधिशासी अधिकारी भर्ती में 13,युपीएसएससी सहायक चकबंदी अधिकारी भर्ती में 10, युपीएस एससी कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती में 588, पदों की लूट की गयी है। बताया गया कि पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी यह माना है कि आरक्षण का सही पालन नहीं किया गया है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय का भी निर्देश है कि प्रभावितों को न्याय दिया जाये। इसके बावजूद भी सरकार बेईमानी के रास्ते पर है। वह पीडीए तबके के साथ इंसाफ नहीं करना चाहती।



