
पटना (आरा)। अपने समाज की सांस्कृतिक विरासत और स्वस्थ परम्पराओं को बचाने के साथ-साथ नयी पीढ़ी को आधुनिक और नैतिकता परक ज्ञान कैसे उपलब्ध हो। इसके लिए संस्था को बहुस्तरीय और बहुआयामी कार्य करना चाहिए। उक्त विचार नागरी प्रचारिणी सभागार आरा में भास्कर समिति भोजपुर के 12वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि डॉ.सुनील कुमार पाठक ने व्यक्त किए। डॉ. पाठक ने कहा कि कोई भी समाज तभी आगे बढ़ पाता है जब युवाशक्ति आधुनिक ज्ञान-विज्ञान,सोच और चिन्तन से जुड़ी हो।उन्होंने कहा कि प्रत्येक समाज की मूल इकाई व्यक्ति होता है अत: सुधार के हर तरह के प्रयास व्यक्ति स्तर से शुरु होने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि गाँव छोड़कर शहर आ चुके लोगों को भी अपने गाँव बच्चों के साथ अवकाश के दिनों में अवश्य जाना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण चेतना विकसित करते हुए वृक्षारोपण में अभिरुचि लेने का सुझाव भी समिति के सदस्यों को दिया। झारखंड सरकार के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी शंभुनाथ मिश्र ने कहा एकता,नियमितता,सुदृढ़ वित्तीय स्थिति और त्याग की भावना से किसी भी संगठन को ताकत मिलती है। सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे डाॅ.चंद्रशेखर मिश्र ने कहा कि समाज बौद्धिक और प्रगतिशील समाज रहा है। कार्यक्रम मेंं प्रमुख रूप से शिवेन्द्र भट्ट, कपिलेश्वर मिश्र, डाॅ.सच्चिदानंद प्रेमी (बिपार्ड,गया) संस्था के सचिव राघव मिश्र, एवं अध्यक्ष रामेश्वर मिश्र सहित कई बुद्धिजीवियों आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। वंदना पाठक ने मांगना सुनाया साथ ही भास्कर प्रभा, भास्कर गौरव सम्मान और पुरस्कार दिये गए। दिनेश पांडेय मनु के कविता संग्रह ‘अंतर्द्वद्व ‘ को भी लोकार्पित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ.दीप्तांशु भास्कर ने किया।



