
नई दिल्ली। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली में जापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के वरिष्ठ नेता और नीति अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष ताकायुकी कोबायाशी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने भारत और जापान के बीच रणनीतिक संबंधों के महत्व को दोहराया और साझा हितों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इस चर्चा का मुख्य केंद्र आर्थिक जुड़ाव, रक्षा एवं सुरक्षा, तकनीक और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को गहरा करना था। दोनों पक्षों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की पॉलिसी रिसर्च काउंसिल के अध्यक्ष श्री तकायुकी कोबायाशी से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत-जापान संबंधों के रणनीतिक महत्व को दोहराया और आपसी हित के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। कोबायाशी के नेतृत्व में आए जापानी प्रतिनिधिमंडल ने अपनी भारत यात्रा के दौरान केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से भी मुलाकात की, जिसमें एमएसएमई साझेदारी और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं के बीच भारत से निर्यात बढ़ाने, बाजार पहुंच में सुधार करने और व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के तहत भविष्य के रास्तों पर सार्थक बातचीत हुई।जापानी प्रतिनिधिमंडल के इस भारत दौरे के खास मायने माने जा रहे हैं, क्योंकि जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार को देखते हुए सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आपसी सहयोग को एक बड़े अवसर के रूप में पहचाना गया। इसके अलावा आर्थिक जुड़ाव को इंडो-पैसिफिक आर्थिक सहयोग ढांचे (आईपीईएफ) के व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा गया, ताकि इस क्षेत्र में एक सक्षम व्यापार वातावरण तैयार किया जा सके।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)




