
Ghazipur News राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य एवं कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ राजेंद्र सिंह राजपूत ने कहा कि जन स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में होम्योपैथी पूरी तरह उपयोगी है। कहा कि वर्तमान समय में बिगड़ती जीवन शैली (लाइफस्टाइल डिसऑर्डर) से स्वास्थ्य समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। इसके लिए होम्योपैथी में एविडेंस बेस्ड मेडिसिन के रूप में अनेकों दवाएं हैं जो लिवर, पेनक्रियाज, गॉलब्लैडर, हार्ट, किडनी, लंग्स के रोगों में सफलतापूर्वक परिणाम देती हैं। उन्होंने कहा कि उचित परामर्श और होम्योपैथिक औषधियों के प्रयोग से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, अन्य हृदय रोग, किडनी व फेफड़े की बीमारियों के साथ ही साथ उन रोगों से भी मुक्ति दिलाई जा सकती है जो अस्वस्थकर आदतों के कारण बनी हैं। इसमें मोटापा, थायराइड की प्रॉब्लम या नींद ना आने की बीमारी या एंजायटी या सुसाइडल टेंडेंसीज (आत्महत्या करने की प्रवृत्ति) आदि का इलाज होम्योपैथी में संभव है। उन्होंने बताया कि पूरे विश्व में जिस तेजी से चिंता, तनाव, अवसाद बढ़ रहा है, इस तरह की मानसिक परेशानियों के लिए होम्योपैथी अत्यन्त उपयोगी है। होम्योपैथी चिकित्सा में रोग का इतिहास, रोगी की आदतों, रोगी के व्यवहार, रोगी के रहन-सहन और रोगी के जीवन शैली की आधार पर उचित होम्योपैथिक दवा का चुनाव आसान हो जाता है और मरीज को संपूर्ण आराम मिल जाता है। आवश्यकता है कि जन सामान्य में इसके बारे में जागरूकता कर जन-सामान्य के लिए सस्ती, हानिरहित होम्योपैथी चिकित्सा उपलब्ध कराई जाये। उल्लेखनीय है कि विश्व होम्योपैथिक दिवस के अवसर पर, राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग, राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान और केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान, आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में, पूरे प्रदेश से चुने हुए एकमात्र वक्त थे जिन्होंने पब्लिक हेल्थ, सस्टेनेबल हेल्थ और होम्योपैथी पर विस्तार से चर्चा की थी जिसे पूरी तरह स्वीकार करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।




