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फतेहपुर

फतेहपुर : जश्ने क़ायम की महफ़िल, मरहूम शायर आमिर फ़ैज़ाबादी को दी श्रद्धांजलि

साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शहंशाह आब्दी ने किया प्रोत्साहित

शीबू खान
फतेहपुर। खागा तहसील क्षेत्रांतर्गत बहेरा सादात गाँव में जश्ने क़ायम के अवसर पर एक भव्य महफ़िल का आयोजन किया गया, जिसमें मरहूम शायर-ए-अहलेबैत आमिर फ़ैज़ाबादी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। महफ़िल का आग़ाज़ मौलाना खादिम अब्बास ज़ैदी द्वारा क़ुरान की तिलावत से किया गया।यह महफ़िल आयोजक साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के ऐरायां ब्लॉक अध्यक्ष पत्रकार मोहम्मद अब्बास के मरहूम वालिद सैयद बख़्शिश अब्बास और हुसैन अब्बास आब्दी के इसाले सवाब के लिए प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है, जिसमें देशभर के मशहूर शायर शिरकत करते रहे हैं। इस वर्ष विशेष रूप से मरहूम बेबाक शायर- ए- अहलेबैत और मर्द -ए-क्षमुजाहिद  आमिर फ़ैज़ाबादी की याद में उन्हें मोमेंटो भेंट कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में मौजूद समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने आमिर फ़ैज़ाबादी की अदबी, सामाजिक और अहलेबैत (अ.स.) से जुड़ी सेवाओं को याद करते हुए उन्हें ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया। वक्ताओं ने कहा कि आमिर फ़ैज़ाबादी सिर्फ़ एक शायर नहीं, बल्कि समाज के लिए मोहब्बत, इंसाफ़ और इंसानी मूल्यों की आवाज़ थे, जिनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। इस अवसर पर भारतीय हुसैनी सेवा संस्थान के अध्यक्ष एवं मरहूम आमिर फ़ैज़ाबादी के छोटे भाई मोहम्मद यासिर ने आयोजकों, बानी-ए-महफ़िल और बहेरा सादात के समस्त लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस सम्मान और मोहब्बत से उनके भाई को याद किया गया, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि आमिर फ़ैज़ाबादी की सोच और मूल्यों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। महफ़िल के दौरान मशहूर शायर फरहान बनारसी, मुदस्सिर जौनपुरी, मुनव्वर जलालपुरी और शहंशाह हुसैन मंझनपुरी सहित कई बड़े शायरों ने इमाम मेंहदी की शान में कसीदे पढ़े। कार्यक्रम में जनपद समेत अन्य जिलों से बड़ी संख्या में मोमनीन शामिल हुए और महफ़िल की रौनक बने। इस दौरान साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार शहंशाह आब्दी भी अपने साथियों के साथ मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में मरहूम आमिर फ़ैज़ाबादी की मग़फ़िरत तथा समाज में भाईचारे, शांति और सद्भाव बनाए रखने की दुआ की गई। इस दौरान मोहम्मद ताज आब्दी, मुहाफिज आब्दी, दिलदार हुसैन चुन्नू, मौलवी साहब, चंदा, छग्गन , हाशिम, अली नाजिम अलमदार, जफर सहित गांव के कई लोग भारी तादाद में मौजूद रहे हैं।

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