
रंगारंग कार्यक्रमों ने मोहा मन
प्रमोद सिन्हा
गाजीपुर।भांवरकोल/मुहम्मदाबाद। एस०एम० इंटर कॉलेज, मच्छटी में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर भव्य एवं हर्षोल्लासपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रध्वज फहराने के साथ हुई, जिसके पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में मीरा का भावपूर्ण भजन, कृष्ण–सुदामा की जीवंत झांकी, कत्थक नृत्य, डांडी एवं गरबा नृत्य के साथ-साथ शास्त्रीय संगीत एवं राष्ट्रभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं। एन०सी०सी० ग्रुप द्वारा परेड एवं कला प्रदर्शन ने कार्यक्रम को अनुशासन, देशभक्ति और गौरव की भावना से ओत-प्रोत कर दिया। इन प्रस्तुतियों ने न केवल मंच की शोभा बढ़ाई, बल्कि दर्शकों को तालियाँ बजाने पर विवश कर दिया। उपस्थित गणमान्य नागरिकों, विद्यालय परिवार तथा प्रबन्धकारिणी के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन की भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर कॉलेज के प्रबन्धक इम्तियाज खाँ ने क्षेत्रीय पत्रकारों को अंगवस्त्रम्, डायरी एवं पेन भेंट कर सम्मानित किया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई।
मुख्य वक्ता के रूप में कॉलेज के प्रबन्धक इम्तियाज खाँ ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज हमारी जीवनशैली भारतीय संविधान की देन है, जिसके कारण हम स्वतंत्रता के साथ जीवन जी पा रहे हैं। उन्होंने समाज में आज भी व्याप्त जाति एवं लिंगभेद के आधार पर हो रहे शोषण एवं उत्पीड़न को कटु सत्य बताते हुए कहा कि बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर ने संविधान के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मतदान का अधिकार दिया, ताकि वह अपनी इच्छा से अपना नेता चुन सके। उन्होंने वर्तमान व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज उच्च पदों पर बैठे अधिकारी शपथ तो लेते हैं, लेकिन अपने कर्तव्यों के प्रति कितने ईमानदार रहते हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कहा कि “जिसकी लाठी, उसकी भैंस” जैसी मानसिकता लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। साथ ही उन्होंने विद्यालयों को बंद किए जाने की प्रवृत्ति को एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए शिक्षा के महत्व पर बल दिया।
छात्र-छात्राओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि डॉ० अम्बेडकर के आदर्शों को अपनाकर ही जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है। कॉलेज की संपत्ति को छात्रों की धरोहर बताते हुए उन्होंने कहा कि इसकी सुरक्षा करना सभी का दायित्व है। उन्होंने देशसेवा को इबादत बताते हुए समाज में वैमनस्यता फैलाने वाली कुरीतियों एवं दुर्व्यवस्थाओं के विरुद्ध एकजुट होकर खड़े होने का संदेश दिया तथा संविधान प्रदत्त अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान नेजाम अली, इम्तियाज खाँ, राजकपूर, शत्रुधन सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन आरजू बेगम द्वारा किया गया।अंत में कॉलेज के प्रिंसिपल सेराज अहमद ने कार्यक्रम के सफल एवं अनुशासित आयोजन के लिए सभी अतिथियों, शिक्षकगण, छात्र-छात्राओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




