रायबरेली : ऊंचाहार में बीबी ज़ैनब के यौमे पैदाइश पर जश्न, रात भर चली महफ़िल

– साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शहंशाह आब्दी हुए उपस्थित
शिबू खान
रायबरेली। जनपद रायबरेली के ऊंचाहार कस्बे में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बीबी ज़ैनब के यौमे पैदाइश के अवसर पर भव्य जश्न का आयोजन किया गया। इस मौके पर रात भर महफ़िल सजी, जिसमें जनपद सहित अन्य जिलों से आए नामचीन शायरों ने रसूल अल्लाह के घराने की शान में कसीदे और नज़राने पेश किए। माहौल पूरी तरह अकीदत, मोहब्बत और रूहानियत से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शहंशाह आब्दी भी अज़ादारों के साथ शामिल हुए और आयोजन की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि बीबी ज़ैनब का जीवन इस्लाम में साहस, सब्र और हक़ के लिए डटे रहने की मिसाल है। महफ़िल के दौरान बीबी ज़ैनब के जीवन पर विस्तार से रोशनी डाली गई। बताया गया कि उनका जन्म लगभग 626 ईस्वी के आसपास हुआ था। वे बीबी फ़ातिमा और हज़रत अली की पुत्री तथा इमाम हसन और इमाम हुसैन की बहन थीं। करबला की जंग में उन्होंने असाधारण साहस और धैर्य का परिचय दिया। इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत के बाद उन्होंने यज़ीद के ज़ुल्म के सामने डटकर सच्चाई को दुनिया के सामने रखा। वक्ताओं ने दमिश्क के दरबार का उल्लेख करते हुए कहा कि बीबी ज़ैनब ने यज़ीद के सामने जो ऐतिहासिक भाषण दिया, उसने करबला की सच्चाई को उजागर कर दिया। उनके ख़ुत्बों से दरबार में खलबली मच गई और ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ बुलंद हुई। इसी साहस और नेतृत्व के कारण बीबी ज़ैनब को इस्लाम में त्याग, शक्ति और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक माना जाता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अज़ादार और श्रद्धालु मौजूद रहे। अंत में अमन, भाईचारे और इंसानियत के लिए दुआ के साथ महफ़िल का समापन हुआ।




