
(तारा त्रिपाठी)मीरजापुर। मौनी अमावस्या के पावन पर्व विंध्याचल तट पर गंगा में डुबकी लगाकर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाई और स्नान के उपरांत आदि शक्ति मां बिन्ध्यवासिनी के धाम पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन पूजन किया। मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान व दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। इसी आस्था के चलते बिन्ध्याचल धाम में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मां बिन्ध्यवासिनी मंदिर के साथ-साथ अष्टभुजा मंदिर और काली खोह मंदिर में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। गंगा किनारे देवानघाट, पक्काघाट, अखाड़ा घाट सहित अन्य प्रमुख घाटों पर सुबह से ही स्नान करने वालों की भीड़ उमड़ती रही। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद तट पर दान-दक्षिणा देकर पुण्य लाभ अर्जित किया। गंगा तट से मंदिर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही के कारण मेला जैसा दृश्य बना रहा।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए नौ इंस्पेक्टरों की ड्यूटी लगाई गई थी, जिनमें नीरज पाठक, वेदप्रकाश पाण्डेय, अमित प्रजापति, अजीत कुमार सिंह, श्रीकांत पाण्डेय, बैजनाथ सिंह एवं बालमुकुंद मिश्र शामिल रहे। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्था का जायजा लेते रहे। मंदिर प्रभारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि मौनी अमावस्या के अवसर पर लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने मां बिन्ध्यवासिनी के दर्शन पूजन किए। उन्होंने बताया कि गंगा स्नान और दर्शन पूजन का क्रम पूरे दिन चलता रहा और किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने दी गई। मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने आस्था, श्रद्धा और संयम के साथ गंगा स्नान कर मां के दर्शन किए और पुण्य लाभ प्राप्त किया।




