
संवाददाता
दोहरीघाट, मऊ। मौनी अमावस्या के अवसर पर सरयू नदी के तट पर हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। तड़के सुबह से ही रामघाट, गौरी शंकर घाट और मातेश्वरी घाट पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बजरंगबली’ के जयकारों के साथ सरयू के जल में डुबकी लगाई। आचार्य श्याम पांडे के अनुसार, मौनी अमावस्या पर सरयू में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने सरयू तट पर स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भक्तों ने हनुमान जी को फूल-माला, सिंदूर और प्रसाद चढ़ाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया। मंदिर के पुजारी बबलू पांडे ने बताया कि मौनी अमावस्या पर दान-पुण्य का विशेष महत्व है।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा दान की। साधु-संतों और गरीबों को दान देकर पुण्य लाभ कमाया गया। कई भक्तों ने इस दिन मौन व्रत रखकर भगवान की आराधना भी की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह और दोहरीघाट थाना प्रभारी संजय त्रिपाठी ने बताया कि घाटों पर गोताखोरों की तैनाती के साथ पुलिस बल मौजूद रहा। इसके परिणामस्वरूप, स्नान पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हुआ। इस आयोजन ने एक बार फिर इस धार्मिक स्थल की महत्ता और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को प्रदर्शित किया।




