
गोविन्द लाल शर्मा
आजमगढ़। साइबर अपराध के खिलाफ आजमगढ़ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। जहाँ अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो टेलीग्राम के जरिए चीनी हैंडलरों के लिए काम कर रहे थे। इनके पास से लाखों की नकदी, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, विदेशी सिम और लग्जरी गाड़ी बरामद की गई है। आजमगढ़ साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने लखनऊ के गोडम्बा इलाके से दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जो टेलीग्राम के जरिए चीनी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहकर ठगी की रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेजते थे।पुलिस के मुताबिक, अभियुक्तों के पास से ₹6 लाख 32 हजार रुपये नकद, 11 मोबाइल फोन, 12 एटीएम कार्ड, चेकबुक, विदेशी सिम कार्ड, कैश काउंटिंग मशीन और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया गया है। इससे पहले इसी गिरोह के चार सदस्य पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।आपको बता दे की यह मामला तब सामने आया, जब रौनापार थाना क्षेत्र के एक युवक को टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर “प्रोडक्ट बूस्टिंग” के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की गई।जांच में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम पहले भारतीय बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी, फिर एटीएम के जरिए निकालकर उसे USDT क्रिप्टो करेंसी में बदलकर चीनी हैंडलरों को भेज दिया जाता था। मुख्य अभियुक्त द्वारा अब तक 10 से 15 करोड़ रुपये तक की रकम विदेश भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।इस पूरे मामले में एसपी ग्रामीण चिराग जैन का कहना है कि यह एक संगठित अंतर्राष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क है। आम जनता से अपील है कि किसी भी लालचपूर्ण ऑफर, अज्ञात लिंक या टेलीग्राम ग्रुप से सावधान रहें और साइबर अपराध की सूचना तुरंत 1930 पर दें।




