
डॉ एके राय
गाजीपुर। जूना अखाड़ा के वरिष्ठ महामंडलेश्वर व सिद्धपीठ हथियाराम मठ के पीठाधीश्वर स्वामी श्री भवानीनंदन यति महाराज अपनी पारम्परिक रामहित यात्रा के दौरान सादात क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव में प्रवास किया। हरिहरात्मक पूजा के उपरांत उपस्थित शिष्य श्रद्धालुओं को धर्मोपदेश देते हुए महाराज श्री ने कहा कि जीवन की व्यस्तताओं के बीच कुछ समय निकाल कर ईश्वर की पूजा-आराधना अवश्य करें। उन्होंने मानव जीवन में पूजन-अर्चन की महत्ता का वर्णन करते हुए कहा कि ईश वंदना से मन मस्तिष्क में शुद्धता आती है। इससे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह तेज होता है। नकारात्मक विचारों का शमन होता है। श्रद्धालु जनों से भगवत भजन तथा सत्कर्म करते हुए मानव जीवन को सार्थक करने का आह्वान किया।महामंडलेश्वर स्वामी ने बताया कि संत और सत्संग के सानिध्य में रहने से अच्छे विचारों का सृजन होता है।उन्होंने मनुष्य के भीतर प्रेम, भक्ति, श्रद्धा और ईश्वर के प्रति समर्पण की भावना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों से मनुष्यता धारण करने का आह्वान किया। महामंडलेश्वर स्वामी भवानी नंदन यति महाराज सनातन धर्म और सिद्धपीठ हथिया राम मठ की प्राचीन संत परंपरा का निर्वहन करते हुए इन दिनों रामहित यात्रा पर हैं। इस यात्रा के तहत वे गांव-गांव जाकर शिष्य श्रद्धालुओं को धर्मोपदेश दे रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान गांव के पूर्व प्रधान अंकुर सिंह ने महामंडलेश्वर सहित उपस्थित वैदिक ब्राह्मणों और गणमान्यजनों का अंगवस्त्रम आदि भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर श्रवण तिवारी, डॉ. रत्नाकर त्रिपाठी, सर्वानंद सिंह झुन्ना, मयंक सिंह,लवटू प्रजापति, गुलाब, ओमप्रकाश सिंह, विजय बहादुर सिंह, गीता सिंह, श्वेता, माधुरी, बिंदु, बेबी सिंह, पायल सिंह, खुशी सिंह, अनिल अरविंद, राजेश राम, कतवारू सिंह, अमरनाथ, सुरेन्द्र राजभर, देवेंद्र दूबे सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।




