
अघोरपीठ हरिश्चंद्र घाट काशी द्वारा परमपूज्य अवधूत श्रेष्ठ बाबा कीनाराम जी की 426वीं जयंती पर होंगे विभिन्न आयोजन
सुशील कुमार मिश्र/ वाराणसी।अघोरपीठ हरिश्चंद्र घाट काशी द्वारा अघोर चतुर्दशी के पावन पर्व पर दो दिवसीय परम पूज्य अवधूत श्रेष्ठ बाबा कीनाराम की 426 वाँ जयंती 21 एवं 22 अगस्त को मनाई जाएगी। हरिश्चंद्र घाट पर आयोजित पत्रकार वार्ता में अघोरपीठ हरिश्चंद्र घाट काशी के पीठाधीश्वर अवधूत उग्र चंडेश्वर कपाली कपाली बाबा ने विस्तृत जानकारी देते हुए 21 अगस्त की मध्यरात्रि 11:00 बजे से विशिष्ट श्मशान पीठ पुजन जो पूरे विश्व में मात्र और मात्र काशी के ही महाश्मशान में आयोजित होता है अघोर परम्परा का विशिष्टतम अंग है। साधकों के बहुआयामी आध्यात्मिक उत्थान के लिए योगिनी चक्र पूजन का अनुष्ठान होगा।
परम्परागत रूप से काशी की गरिमामय संगीत परम्परा को संजोते हुए शास्त्रीय वादन, शास्त्रीय, उपशास्त्रीय और लोकगायन को अपनी आप में समेटे हुए काशी के प्रतिष्ठित संगीतमय संध्या एक शाम महाकाल के नाम का आयोजन होगा।कार्यक्रम के मुख्य उद्घोषक अरविन्द सिंह जी होंगे। काशी के प्रसिद्ध भजन गायक राजन तिवारी कार्यक्रम के मंच संयोजक होंगे। दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश व बिहार में अपने अनूठे मंच संचालन हेतु प्रसिद्ध श्री प्रभुनाथ राय (दाढ़ी), प्रमुख कलाकारों में निर्गुण सम्राट मदन राय ,भजन सम्राट बलवंत सिंह जी,अपनी विशिष्ट भजन शैली के लिए प्रसिद्ध डॉ.अमलेश शुक्ला जी, श्रद्धा पांडेय, पुनीत पागल बाबा,रिया राज, रोहित वर्मा (आदित्य), पूजा मोदनवाल, प्रियंका तिवारी, रुनझुन, ओम तिवारी, अभिमन्यु मौर्या, राहुल पांडेय, नितिन तिवारी और गणेश मिश्रा अपनी प्रस्तुति देंगे।श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रमुख शहनाई वादक महेन्द्र प्रसन्ना जी के शहनाई वादन से कार्यक्रम का शुभारम्भ होगा।कार्यक्रम में अपनी अपनी विधाओं में पारंगत ये सभी आगंतुक कलाकार देश के विभिन्न स्थानों से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने बाबा मशान नाथ के दरबार में हरीशचंद्र घाट पर आयेंगे।




