
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशनों ने देश के बाहर रहने वाली भारतीय महिलाओं को किसी भी मुसीबत में त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए अब तक कुल 9 ‘वन स्टॉप सेंटर्स’ स्थापित किए हैं। विदेशों में वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) स्थापित करने के लिए देशों का चुनाव किसी खास देश में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की संख्या के आधार पर किया गया है। इस मानदंड में विदेश में मौजूद वे भारतीय मिशन/पोस्ट भी शामिल हैं, जो अपने अधिकार क्षेत्र में अधिक संख्या में परेशान भारतीय महिलाओं की मदद करते हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि रियाद, दोहा, मस्कट, कुवैत और बहरीन स्थित भारतीय दूतावास को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में ओएससी स्थापित करने की मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा हाई कमीशन ऑफ इंडिया, सिंगापुर और दुबई, जेद्दा तथा टोरंटो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास की ओर से भी ओएससी स्थापित किए गए हैं।
इन सेंटर्स में सबसे अधिक 1.88 करोड़ रुपये का शुरुआती बजट कुवैत स्थित भारतीय दूतावास से जुड़े सेंटर को दिया गया है। इसके बाद सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग से जुड़े सेंटर को 1.38 करोड़ और टोरंटो महावाणिज्य दूतावास से जुड़े सेंटर को 1.36 करोड़ रुपये बजट दिया गया है। इस पहल के तहत, संकटग्रस्त भारतीय महिलाओं को कानूनी, चिकित्सा और अन्य आवश्यक चीजों के लिए सहायता प्रदान की जाती है। वन स्टॉप सेंटर्स में न केवल आर्थिक एवं प्रशासनिक स्तर पर सहायता प्रदान की जाती है, बल्कि यहां महिलाओं के लिए आश्रय गृहों की सुविधा भी प्रदान की गई है। इस पहल को विदेश मंत्रालय का समर्थन प्राप्त है और इसका वित्तपोषण भारतीय सामुदायिक कल्याण कोष (आईसीडब्ल्यूएफ) द्वारा किया जाता है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)




