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National News भारतीय उच्चायोग और विदेश मंत्रालय की कोशिशों से बांग्लादेश से 47 मछुआरे रिहा

नई दिल्ली। बांग्लादेश ने हाल ही में गलती से इंटरनेशनल मैरीटाइम बाउंड्री लाइन पार करने वाले 47 भारतीय मछुआरों को अब रिहा कर दिया है। बांग्लादेशी नेवी द्वारा भारतीय मछुआरों की गिरफ्तारी के बाद भारत के विदेश मंत्रालय और बांग्लादेश स्थित भारतीय उच्चायोग की ओर से इस मामले पर त्वरित संज्ञान लिया गया था। मंत्रालय एवं उच्चायोग के अधिकारियों ने संबंधित बांग्लादेशी अधिकारियों के समक्ष गंभीरता से इस मुद्दे को उठाया, जिसके बाद गिरफ्तार मछुआरों की घर वापसी सुनिश्चित हो पाई। इसके साथ ही भारत ने भी बिना देर किए गलती से समुद्री सीमा पार करने वाले 38 बांग्लादेशी मछुआरों को रिहा कर दिया है। इससे पहले जनवरी 2025 में भारत सरकार ने 95 भारतीय मछुआरों को रिहा कराने में मदद की थी और बदले में 90 बांग्लादेशी मछुआरों को रिहा किया था।
विदेश मंत्रालय ने कहा हाल ही में बांग्लादेश के अधिकारियों ने गलती से इंटरनेशनल मैरीटाइम बाउंड्री लाइन पार करने वाले भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया था। इसी तरह भारतीय अधिकारियों ने भी बांग्लादेश के मछुआरों को पकड़ा था। दोनों सरकारों ने आज (9 दिसंबर, 2025) 47 भारतीय मछुआरों और 38 बांग्लादेशी मछुआरों को उनके चलने लायक जहाज के साथ सफलतापूर्वक रिहा कर दिया और वापस भेज दिया। मंत्रालय ने कहा मछुआरों और उनके जहाज का आपसी लेन-देन दोनों तरफ के मछली पकड़ने वाले समुदायों की मानवीय और रोजी-रोटी की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। भारत सरकार भारतीय मछुआरों की सुरक्षा, सिक्योरिटी और भलाई को सबसे ज्यादा महत्व देती है। इस मकसद से, वह बांग्लादेश की हिरासत से हमारे मछुआरों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए लगातार मेहनत कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बांग्लादेशी नेवी ने अगस्त 2025 के पहले सप्ताह के दौरान दो चरणों में इन 47 मछुआरों को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही इनके मछली पकड़ने वाले कई ट्रॉलर भी जब्त किए गए थे। ये सभी मछुआरे पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सुंदरबन के क्वाकदीप इलाके के रहने वाले हैं, जो कि अब अपने घरों के लिए रवाना हो चुके हैं।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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