Slide 1
Slide 1
उत्तर प्रदेशएजुकेशनवाराणसी

काशी तमिल संगमम 4.0, केन्द्रीय ग्रंथालय में दुर्लभ तमिल पुस्तकों और साहित्य की विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन

हिंदुस्तान संदेश
एडिटर /सुशील कुमार मिश्र
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सयाजी राव गायकवाड़ केन्द्रीय ग्रंथालय में बुधवार को काशी तमिल संगमम 4.0 के अंतर्गत पर दुर्लभ तमिल पुस्तकों, पांडुलिपियों और साहित्य की एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। यह प्रदर्शनी 15 दिसंबर 2025 तक चलेगी। KTS 4.0 का विषय “तमिल कर्कलाम – आइए तमिल सीखें: काशी और तमिलनाडु के बीच भाषाई तालमेल और सांस्कृतिक मेल का उत्सव” है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन कुलपति प्रोफ़ेसर अजित कुमार चतुर्वेदी द्वारा महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। इस दौरान में ग्रंथालयी डॉ. डी. के. सिंह, उप ग्रंथालयी डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. विवेकानंद जैन, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. जवाहर, डॉ. आर परमेश्वरम, डॉ. स्नेहा त्रिपाठी, समेत ग्रंथालय के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
इस प्रदर्शनी में 2,000 से ज़्यादा तमिल पुस्तकें सामिल की गई हैं, जिनमें अभिलेखीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण, प्राचीन और मौलिक पुस्तकें और दोनों क्षेत्रों के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते प्रदर्शित करती पांडुलिपियां और ग्रंथ शामिल हैं। संग्रह में 45 विषय श्रेणी शामिल हैं, जिनमें साहित्य, दर्शन, धर्म, भाषा अध्ययन, कला, इतिहास और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली शामिल हैं। डॉ. डी. के. सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शनी द्वारा, केन्द्रीय ग्रंथालय का उद्देश्य BHU में संरक्षित तमिल साहित्यिक विरासत को दिखाना, भाषा और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा अतिथियों को तमिल साहित्य को करीब से जानने का मौका देना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button