आजमगढ़:फल का ठेला लगाने वाले मोती सोनकर ने पत्रकारों के सामने अपना दर्द बताया

गोविन्द लाल शर्मा
आजमगढ़। बिलरियां की चुंगी स्थित शगुन बेकरी के सामने फल का ठेला लगाने वाले मोती सोनकर और उनकी पत्नी का दर्द पत्रकार वार्ता में छलक उठा। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि उनके फल के ठेले को शगुन बेकरी वाले ने बिना कोई कसूर व विवाद के जबरन हटा दिया। फल का ठेला लगाने वाले मोती सोनकर और उनकी पत्नी का कहना है कि वहाँ पर पांच छः ठेला और भी लगते हैं परंतु किसी अन्य ठेले वाले को नहीं हटाया गया, सिर्फ मुझ गरीब का ही ठेला हटवा कर मेरे साथ अन्याय किया गया। अगर सबका ठेला हटता तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होता, पर सिर्फ मेरा ठेला हटवा कर मेरे रोजी रोटी पर कुठाराघात किया गया है। जबकि श्याम बेकरी के दुकान मालिक से ना कोई झगड़ा हुआ ना किसी प्रकार का तकरार। यदि वे किराया मांगते तो वो भी मैं देने के लिए तैयार हूँ। यह सब दुकानदारी में वर्चस्व के खातिर मुझसे जलन रखने वाले अन्य फल विक्रेताओं के चढ़ाने बढ़ाने से दुकान मालिक ने मेरा ठेला हटवा दिया जो नाइंसाफी है। सबका ठेला हटाते तो मैं स्वीकार कर लेता पर सिर्फ मेरा ठेला हटवा कर मेरे रोजीरोटी और पेट में लात मारना न्यायोचित नहीं है। मैं श्याम बेकरी दुकान मालिक व शासन प्रशासन से अनुरोध करता हूँ या तो वहाँ लगने वाले सब ठेला हटवा दें, अन्यथा मेरा भी ठेला वही लगाने देंने की अनुमति प्रदान करें। वहाँ उपस्थित लोगों के साथ जिला कांग्रेस कमेटी आजमगढ़ के महासचिव मन्तराज यादव का भी कहना है कि मोती सोनकर के साथ अन्याय हुआ है अकारण ठेला हटवा देना उचित नहीं है। लोगों की भी मांग है कि इनका ठेला वही लगने देना चाहिए यही न्यायोचित होगा।




