कुशीनगर:दर्जा प्राप्त मंत्री राजेश्वर सिंह के विवादित बयान से सियासी पारा गर्म

– बोले मंत्रीजी : प्रतिबंधित पशु कटेंगे तो…. कुशीनगर में बहेगी खून की धारा
हिन्दुस्तान संदेश
कुशीनगर। सूबे सरकार के दर्जा प्राप्त मंत्री राजेश्वर सिंह के मुसलमानों के खिलाफ दिये गये एक बयान से सियासी पारा गर्म हो गया है। उन्होंने 5 जून को सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस पर कुशीनगर जिले पडरौना नगर के साकेत बिहारी मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी को महाराज जी (सीएम योगी) के जन्मदिन पर संकल्प लेना है कि कोई भी पशु जो प्रतिबंधित है, उसे कटने नहीं देना है। प्रतिबंधित पशु है गाय हमारी माता… और गाय माता की हमें रक्षा करनी है। गाय, बछड़े,आदि प्रतिबंधित किसी भी पशु को हम नहीं कटने देंगे।
उत्तर प्रदेश खाद बीज निगम के उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बकरीद आ रही है। इस दौरान मुसलमानों को हम गाय नहीं काटने देंगे, अगर प्रतिबंधित पशु कटेंगे तो मुसलमान भी कटेंगे और कुशीनगर में खून की धारा बहेगी। कहना ना होगा कि
राजेश्वर सिंह का इशारा बकरीद को लेकर था कि जिसमें बकरे की कुर्बानी देने की परम्परा है। गाय. बछडा प्रतिबंधित है। इसको लेकर उन्होंने दो टूक में कहा कि किसी भी हालत में प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी नहीं दी जाएगी। हालांकि, इसको लेकर पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि कुर्बानी सार्वजनिक जगह पर ना दी जाए और प्रतिबंधित पशु का वध पूरी तरह प्रतिबंध है। नियम विरुद्ध काम करने वाले पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।
🔴 राजेश्वर सिंह का वह बयान जिससे गर्म हुआ सियासत
अगर प्रदेश में प्रतिबंधित पशु कटेगे तो मुसलमान भी कटेंगे। खून की धारा कुशीनगर की ज़मीन पर बहेगी। यह धरती साधु- संतों और योगियों की है। यहां गौहत्या बर्दाश्त नहीं होगी।”उन्होंने कहा, “यह कोई सेकुलर स्टेट नहीं, संस्कारों से सिंचित सनातन भारत है। जो गौमाता को काटेगा, उसकी जगह जेल नहीं शमशान होगी।” हिंदू अब सहन नहीं करेगा। अगर कोई मजहबी उन्माद के नाम पर गोवध करेगा, तो उसकी गिनती अपराधियों में नहीं, राष्ट्रद्रोहियों में होगी। और देशद्रोह का जवाब तलवार से ही दिया जाएगा।”
🔴बकरीद को लेकर यूपी के डीजीपी ने जारी किया है निर्देश
उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने पूरे राज्य में बकरीद को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से मनाने के लिए निर्देश व गाइडलाइन जारी किया है। डीजीपी के निर्देश के अनुपालन में यूपी पुलिस द्वारा व्यापक तैयारियां और कार्रवाई की गई है। बताया जाता है कि यूपी पुलिस ने निवारक उपायों, सामुदायिक सहभागिता और कड़ी सतर्कता पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक बहुआयामी रणनीति लागू की है। इसके अन्तर्गत किसी भी नई परंपरा की शुरुआत को रोकने के लिए पुलिस थानों ने अपने त्योहार रजिस्टरों की गहन समीक्षा की है। कुर्बानी से संबंधित किसी भी नई परंपरा की अनुमति नहीं दी गई है। प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पर सख्त प्रतिबंध लगाया जा रहा है. इसके अलावा, कुर्बानी के बाद अवशेषों के उचित निपटान के लिए नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है। पुलिस को सभी ईद-उल-अजहा कार्यक्रमों और हॉटस्पॉट को सूचीबद्ध करने व जोन या सेक्टर योजनाओं के अंतर्गत राजपत्रित अधिकारियों के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस, पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी) और होमगार्ड बलों को रणनीतिक रूप से तैनात किये जाने का निर्देश दिये है।
🔴 रिपोर्ट – संजय चाणक्य




