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बिहार जनपद कैमूर

भभुआ: चित्रगुप्त महापरिवार के पूर्व अध्यक्ष सर्वदेव लाल के त्रयोदशाह पर लोगों ने दी श्रद्धांजलि

आध्यात्मिक सरल स्वभाव के प्रतिभा संपन्न थे

संवाददाता
कैमूर/भभुआ।चित्रगुप्त महापरिवार के पूर्व अध्यक्ष सर्वदेव लाल के त्रयोदशाह पर श्रद्धांजलि देने के लिए क्षेत्रवासी उमड़ पड़े। समाजसेवी सर्वदेव लाल के सुपुत्र प्रोफेसर कमलेश श्रीवास्तव ने बताया कि बाबू जी का जन्म जन्म 1934 मेंग्राम-रुइया में हुआ।बाल्यकाल से ही धर्म परायण,आध्यात्मिक एवं दया भाव रखने वाले सरल स्वभाव के प्रतिभा संपन्न व्यक्ति थे। इन्होंने इंग्लिश, हिंदी और दर्शन शास्त्र जैसे तीन-तीन विषयों में मास्टर डिग्री (बी.एच.यू.) से ली थी। एम.ए. डीपीएड के बाद टाउन हाई स्कूल भभुआ में सहायक शिक्षक के पद पर पूरे सर्विस काल तक पूरी निष्ठा से कार्य करते रहे तथा विद्यार्थियों में अत्यंत लोकप्रिय रहे। भभुआ अपने निजी निवास देवीजी रोड में रहते रहे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने अपना पूरा समय रामचरित मानस की कथा कहने में, समाज सेवा और अपने आदर्श गुणों को जनहित में प्रसारित करने के काम में लगाया। अपने सद्‌गुण और आदर्श व्यक्तित्व के कारण जिला चित्रगुप्त महापरिवार के अध्यक्ष, जिला पेंशनर समाज के उपाध्यक्ष और नेशनल आर्ट्स एंड कल्चरल सोसाइटी के सचिव पद को शुशोभित करते रहे, कई धार्मिक संस्थाओं से जुड़े रहे। उनकी कई कविताएँ,धार्मिक सदुपदेश, लोकाचार युक्त तथ्य छपने को अभी शेष रह गए हैं।उनका अंतिम प्रयाण 13 अक्टूबर 2025 को सायं 6.30 बजे दिन सोमवार को बड़े ही सहज अवस्था में एक सदपुरुष की भांति ‘जय श्री राम नाम’ नाम का उच्चारण करते हुए परम धाम को हुआ। उनके आदर्श कृतित्व एवं व्यक्तित्व, दयाभाव व सद्गुण विचारों का ही परिणाम था कि उन्हें इस प्रकार से परम सद्गति प्राप्त हुई। जो कि चिरकाल के लिए अविस्मरणीय एवं प्रेरणास्पद है।ग्रामीणों ने बताया कि हमेशा समाजसेवा के क्षेत्र में दो कदम सर्वदेव लाल लोगों के साथ चला करते थे। उनका जाना क्षेत्र ही नहीं बल्कि जनपद के लिए अपूरणीय क्षति है। कार्यक्रम में पद्मकुंज फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक त्रिलोकी नाथ राय, राकेश रंजन राय, कमलेश श्रीवास्तव (इंदु) बिमलेश श्रीवास्तव,राकेश श्रीवास्तव, अभिषेक श्रीवास्तव,बल्लू श्रीवास्तव,जूही श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

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