मिर्जापुर: टूटी रेलिंग दे रही खतरे का दावत,अहरौरा डैम की सुंदरता देखने उमड़ रही भरी भीड़

मीरजापुर( तारा त्रिपाठी)।भारी वर्षा के कारण अहरौरा डैम का जल स्तर खतरे के बिन्दु तक पहुंच जाने से डैम में पानी का दबाव बढ़ गया है। जल स्तर बढ़ने से आज डैम के इक्कीस फाटक खोल दिये गये जिससे गरई नदी में पानी का बहाव तेज रफ्तार में रहा। चारो तरफ पानी ही पानी होने से डैम की सुन्दरता बढ़ गई है। आसपास और बाजार से इसकी सुन्दरता देखने की भीड़ उमड़ पड़ी है।एक तरफ जहां डैम से पानी छोड़े जाने से उसके जद में आने वाले गांव और किसानों की चिन्ता बढ़ी है तो दूसरी तरफ अहरौरा डैम के20से 23फाटक तक की रेलिंग के टूटे हुए होने से खतरे सबब बना हुआ है।किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।डैम पर जाने वाले पथ पर से लोग बहते हुए और छोड़े जाने वाले पानी का नजारा देख रहे हैं।ज्ञातव्य हो कि बरसात के पहले ही बांध की देखरेख कराई जाती है।लीकेज या टूटे रेलिंग आदि की मरम्मत करा दी जाती है कि बरसात के समय डैम के भर जाने पर कोई समस्या उत्पन्न न हो। इसके लिए शासन से धनराशि भी उपलब्ध कराई जाती है। इतनी बड़ी चूक का जिम्मेदार कौन है। सिंचाई विभाग के तैनात जेई ओमप्रकाश से पूछे जाने पर कोई सन्तुष्ट जनक उत्तर नहीं दिया जा रहा है।टूटी रेलिंग की समस्या आज की नहीं बल्कि दो वर्षों की है।इस संबंध में किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव प्रह्लाद सिंह ने जेई ओमप्रकाश को बहुत पहले ही चेता दिये थे। आज तक संज्ञान में नहीं लिया गया। फिलहाल सुुरक्षा की दृष्टि उस जगह से गुजरने से रोक लगाने की आवश्यकता है।

विधायक मड़िहान रमाशंकर सिंह पटेल अहरौरा बाध का निरीक्षण और दिशा निर्देश देते हुए




