ब्राह्मणों ने मनाई भगवान परशुराम जयंती,पहलगाम हमले की निंदा, शोक व्यक्त दी श्रद्धांजलि

मऊ।ब्राह्मण कल्याण समिति के तत्वावधान में 29 अप्रैल को अक्षय तृतीया को प्रत्येक वर्ष की भांति भगवान श्री परशुराम की जयन्ती अतुल तिवारी के सभागार में मनायी गई।कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्प माला पहना कर आरती वंदन के साथ कि गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता पण्डित उमाशंकर तिवारी ने की। ब्राह्मण कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष पण्डित धनञ्जय मिश्र ने कहा कि शस्त्र व शास्त्र के महा पण्डित भगवान श्री परशुरामजी सदैव लोकहित में अन्याय के खिलाफ लड़ते रहे। वे केवल शस्त्र के ही नही बल्कि शास्त्रों के भी प्रकाण्ड विद्वान थे,उनका जीवन हम सबके लिए अनुकरणीय है। हमे उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए।कार्यक्रम में उपस्थित पण्डित विजय प्रकाश पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान परशुराम जी समाज मे एकता के भी प्रतीक है जब समाज मे अन्याय अनीति से समाज का क्षय हो रहा था तब भगवान परशुरामजी ने सबको एक साथ एकत्रित कर अनीति अनाचार का प्रतिकार किया ब्राह्मण सनातन से समाज का अगुवा रहा है।
ब्राह्मणों को एक बार फिर होने की आवश्यकता है जिससे पूरे समाज का भला हो सके।कार्यक्रम में अतुल तिवारी ने अपने संगठनात्मक उद्बोधन में कहा कि ब्राह्मण समाज को एक रहने की आवश्यकता है तथा संगठन को समाज के लिए अति हितकारी बताते हुए अतुल तिवारी ने पहलगाँव में हुए कायराना हमले की निंदा करते हुए मारे गए सैलानियों के आत्मा की शान्ति हेतु दो मिनट का मौन रखा। एक स्वर में वहाँ उपस्थित सभी ब्राह्मणो ने एक स्वर में निन्दाघोष किया। मारे गए सैलानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पण्डित उमाशंकर तिवारी पण्डितविजय प्रकाश पाण्डेय पण्डित धनञ्जय मिश्र पण्डित नमोनारायण त्रिपाठी पण्डित अतुल तिवारी पण्डित धर्मेंद्र पाण्डेय पण्डित चंद्रशेखर तिवारी पण्डित निशान्त पाण्डेय पण्डित देवेन्द्र पाण्डेय, पण्डित हरिशंकर पाण्डेय पण्डित निर्भय तिवारी पण्डित शुभम पाण्डेय पण्डित साक्ष्य मिश्र पण्डित अमित पाण्डेय पण्डित सुमित पाण्डेय पण्डित विभूति पाण्डेय पण्डित वायुनन्दन मिश्र आदि लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट- सतीश कुमार पांडे




