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देशनई दिल्ली

नई दिल्ली : संयुक्त राष्ट्र सैनिक योगदानकर्ता देशों के प्रमुखों का सम्मेलन

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सैनिक योगदानकर्ता देशों (यूएनटीसीसी) के प्रमुखों के सम्मेलन का यहां मानेकशॉ सेंटर में उद्घाटन हुआ। भारतीय सेना द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में 32 सैन्य योगदानकर्ता देशों के वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व के साथ ही संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, शांति अभियानों के लिए अवर महासचिव (यूएसजी, डीपीओ) जीन पियरे लैक्रोइक्स और संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश शामिल हुए। उन्होंने समारोह में शामिल अन्य देशों के सैन्य प्रमुखों के साथ सामूहिक रूप से वैश्विक शांति अभियानों के भविष्य की रूपरेखा तैयार की। पहले दिन का समापन संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना की विश्वसनीयता, समावेशिता और स्थायित्व को बढ़ाने के लिए सैन्य योगदान देने वाले देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि के साथ हुआ। चर्चाओं में इस बात पर जोर दिया गया कि शांति स्थापना को अनुकूलनशील, तकनीकी रूप से सक्षम और सहयोग एवं सामूहिक उत्तरदायित्व के सिद्धांतों पर दृढ़ता से आधारित रहना चाहिए।एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शांति स्थापना में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित भारत के विश्वास की पुष्टि की। उन्होंने 50 से अधिक मिशनों में सेवा दे चुके भारतीय शांति सैनिकों के बलिदान की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि शांति स्थापना केवल सैन्य कर्तव्य नहीं, बल्कि मानवता के प्रति एक नैतिक प्रतिबद्धता है।

वहीं दूसरी ओर भारतीय राजनयिक हरीश ने “शांति स्थापना का भविष्य: सामूहिक सुरक्षा पर एक परिप्रेक्ष्य” विषय पर संयुक्त राष्ट्र टीसीसी प्रमुखों के सम्मेलन को संबोधित किया और 50 से अधिक संयुक्त राष्ट्र मिशनों में लगभग 3,00,000 सैनिकों की भारत की ऐतिहासिक प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।हरीश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को उनके मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। अवर महासचिव जीन-पियरे लैक्रोइक्स की उपस्थिति और विचार-विमर्श में उनके योगदान की सराहना करता हूं। अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सर्वोत्तम बहुपक्षीय उपकरण के रूप में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना की केंद्रीय भूमिका पर बल दिया।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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