अहिल्याबाई होल्कर की जयंती विशेष तारीख,ऐतिहासिक घटना नहीं,सबके लिए जीवन दर्शन : उपराष्ट्रपति

महारानी अहिल्याबाई होल्कर की जन्म त्रिशताब्दी वर्ष स्मृति अभियान- 2025 के अंतर्गत आयोजित संगोष्ठी में शामिल हुए उप राष्ट्रपति
आकाश वर्मा
आगरा। मुख्यमंत्री उ.प्र. योगी आदित्यनाथ, पुण्य श्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जन्म त्रिशताब्दी वर्ष स्मृति अभियान- 2025 के अंतर्गत जीआईसी मैदान आगरा में विशाल जनसभा को संबोधित करने खेरिया सिविल एयरपोर्ट पहुंचे, जहां जनपद के जनप्रतिनिधियों तथा मंडलायुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी, पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने पुष्पगुच्छ देकर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री ने एयरफोर्स स्टेशन पहुंचकर उपराष्ट्रपति भारत गणराज्य जगदीप धनखड़ के सपत्नीक आगमन पर पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
कार्यक्रम स्थल जीआईसी मैदान पहुंचकर सर्व प्रथम ’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कर मुख्यमंच पर पहुंचे तथा लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्पांजलि दी। कार्यक्रम संयोजक केंद्रीय राज्य मंत्री मंत्री प्रो.एस.पी.सिंह बघेल उपराष्ट्रपति, मुख्यमंत्री तथा अन्य सभी विशिष्ट अतिथियों को पटका पहनाकर व पुण्य श्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी की कांस्य प्रतिमा प्रदान कर भव्य स्वागत किया गया। जनसभा का शुभारंभ राष्ट्रगान जनगणमन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीआईसी मैदान आगरा में विशाल जनसभा में अपने सम्बोधन का शुभारम्भ वन्दे मातरम, भारत माता की जय तथा लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जय के उदघोष के साथ किया।
सीएम ने कहा आज इस पावन धरा पर भारत गणराज्य के महामहिम उपराष्ट्रपति का इस समारोह में आगमन हुआ है, मैं सबसे पहले प्रदेश सरकार की ओर से तथा आप सभी जनता जनार्दन की ओर से आदरणीय उपराष्ट्रपति जी का हृदय से स्वागत करता हूं, अभिनंदन करता हूं। उन्होंने कहा कि आदरणीय डा0 श्रीमती सुदेश धनखड़ जी का भी आगमना और उनका सानिध्य भी हमें प्राप्त हो रहा है, इस अवसर पर उनके आगमन पर उनका भी हृदय से स्वागत और अभिनंदन करता हूं, हरियाणा के मा0 राज्यपाल महोदय, पूर्व केंद्रीय मंत्री मा0 बंगारू दत्तात्रेय जी, आज उनका मार्गदर्शन यहां पर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि लोक माता की त्रिशताब्दी यानी 300वीं जयंती समारोह का यह महोत्सव है, जब भी समाज अपने नायकों, राष्ट्र के नायकों व नायिकाओं के प्रेरणादाई व्यक्तित्व व कृतित्व से प्रेरणा प्राप्त करके अपने आगे की कार्य योजना बनाता है व प्रेरणा और प्रकाश प्राप्त करता है तो दुनिया की कोई बाधा, कोई ताकत, दुनिया का कोई बैरियर उसके मार्ग में बाधा नहीं बन सकता है और यह लोकमाता का विराट व्यक्तित्व और कृतित्व को प्रदर्शित करता है।
कार्यक्रम को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सम्बोधित करते हुए कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती सिर्फ विशेष तारीख और ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि हम सबके लिए जीवन दर्शन है। हमें संकल्प लेना पड़ेगा कि हम उनके आदर्शों पर चलेंगे। लोकमाता कठिन समय में भारत की महान परंपरा की प्रतिनिधि थीं, जहां धर्म-संस्कृति व शासन एक ही धारा में प्रवाहित होते हैं। सोमनाथ गुजरात, काशी विश्वनाथ, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, बद्रीनाथ, केदारनाथ, भीमाशंकर, रामेश्वरम, गोकर्ण समेत न जाने कितने मंदिर उनके हाथ से संजीवित हुए, वीरांगना अहिल्याबाई होल्कर हमारे लिए प्रेरणा मूर्ति हैं। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि संस्कृति का सृजन व संरक्षण बहुत अहम है। आक्रांता औरंगजेब ने क्रूरता से काशी विश्वनाथ पर प्रतिघात-कुठाराघात किया तो उसके 100 वर्ष बाद अहिल्याबाई होल्कर ने दूरदर्शिता दिखाते हुए काशी विश्वनाथ में मंदिर बनाया। वर्तमान परिदृश्य की चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वहां जो चमत्कारी परिवर्तन आया है, उससे पूरा देश अभिभूत है।




