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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का 15 में ही निकल गया दम

एक-बारिश-भी-न-झेल-सका-करोड़ों-का-एक्सप्रेस-वे।

एक-बारिश-भी-न-झेल-सका-करोड़ों-का-एक्सप्रेस-वे।

कानपुर। कानपुर-लखनऊ का उद्घाटन बहुत जोर-शोर से 13 जुलाई को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह औऱ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था लेकिन यह एक्सप्रेस वे एक बारिश भी नहीं झेल सका। 63 किलो मीटर का सबसे महंगा एक्सप्रेसवे तीन स्थानों पर उखड़ गया है। इससे केंद्र और राज्य सरकार भी कार्यदायी संस्था से उखड़ गई है। हालांकि आरोप लगाया जा रहा है कि इसको बनाने वाली संस्था के मालिक के भाई भाजपा सांसद हैं।

पहले इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुलाने का प्रयास किया जा रहा था लेकिन पीएम के व्यवस्त होने की वजह से इसका उद्घाटन परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराया गया। उद्घाटन के समय इस एक्सप्रेसवे का काफी बखान किया गया। इसका एक तरफ का टोल टैक्स 275 रुपये रखा गया। देखने में सुंदर लगने के साथ बढ़िया भी लग रहा था। इस पर लोग इसी एक्सप्रेसवे से चलने लगे। लेकिन जैसे ही बारिश शुरू हुई। यह एक्सप्रेसवे जगह-जगह धसने लगा। इससे एक्सप्रेसवे पर हादसे भी बढ़ गए। विरोधी दलों के नेताओं ने भी खराब गुणवत्ता का एक्सप्रेसवे बनाने पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। स्थानीय पत्रकार पहुंचे तो पहले कार्यदायी संस्था के लोगों ने फोटो लेने तक से रोका। एनएचआई ने इसका ठेका पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को दिया था। इसके चेयरमैन प्रदीप कुमार जैन हैं। पहले उनके भाई नवीन कुमार जैन  इस संस्था के डायरेक्टर थे लेकिन भाजपा के राज्यसभा सांसद बनने के बाद उन्होंने यह पद छोड़ दिया। हालांकि विरोधी दलों का कहना है कि भाजपा राज्यसभा सांसद के भाई की संस्था होने की वजह से ही इस दागदार संस्था को ठेका दिया गया। उसने गुणवत्ता परक निर्माण कार्य नहीं कराया। सरकार की किरकिरी होने की वजह से एनएचआई भी हरकत में आई। उसने एक्सप्रेसवे दोबारा ठीक से बनने तक टोल टैक्स की वसूली रोक दी। इस संस्था को भी ब्लैक लिस्ट कर दिया। एक्सप्रेसवे को दुरुस्त करने में आने वाला खर्च भी उसी से वसूला जाएगा। एक्सप्रेसवे की मरम्मत के दौरान पंखे से सुखाने का वीडियो सपा प्रमुख अखिलेश सिंह यादव ने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा कि ये है  भाजपाई तकक्की की नई हवा। कुछ दिनों पहले जिसका उद्घाटन हुआ हो उस सड़क को मरम्मत की जरूरत पड़ गई। एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये भी हास्यास्पद है। 2-3 हफ्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा है उस पर चलने का जोखिम कौन उठाएगा?

ASIF HUSAIN

ASIF HUSAIN EDITOR मैंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से हिंदी साहित्य में परास्नातक (मास्टर) करने के बाद ट्रांसलेशन में पीजी डिप्लोमा किया। इसके बाद पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया। 1997-98 में राष्ट्रीय सहारा में ट्रेनिंग की। इसके बाद 1998 में अमर उजाला कानपुर में ज्वाइन किया। अमर उजाला में कानपुर में रिपोर्टिंग की। गाजीपुर, चंदौली, भदोही, इटावा में ब्यूरोचीफ के पद पर रहा। इसके अलावा मुरादाबाद में संभल डेस्क प्रभारी रहा। झांसी में देहात डेस्क प्रभारी रहा। साथ में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग की। 2023-24 में अमर उजाला में सीनियर सब एडिटर पद से स्वैच्छिक रिटायरमेंट लिया। इसके बाद अपना यूट्यूब चैनल ‘ब्रिलियंट टाइम’ नाम से बनाया। वीकली अखबार भी इसी नाम से निकाला। ‘द्वाबा सम्राट हिंदी दैनिक’ में देश और विदेश पर लेख लिखे। वर्तमान में हिंदुस्तान संदेश से बतौर एडिटर जुड़ा हूं।

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