देवरिया : डीएम ने विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण, डिजिटल उपस्थिति व गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन पर दिया जोर
खंड शिक्षा अधिकारी, बनकटा को कारण बताओं नोटिस जारी करने के दिए निर्देश

असगर अली, ब्यूरो चीफ/देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बेसिक शिक्षा विभाग में पठन-पाठन की गुणवत्ता, आवश्यक संसाधनों एवं मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेने के लिए विकासखंड बनकटा के विभिन्न विद्यालयों एवं एक आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों एवं शिथिल पर्यवेक्षण पाए जाने पर उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी बनकटा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए जो भी जिम्मेदार होंगे, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों का नियमित एवं प्रभावी अनुश्रवण करने, कमियों को तत्काल दूर कराने तथा शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पूर्व माध्यमिक विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र सोहनपुर, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) सोहनपुर, प्राथमिक विद्यालय इंगुरी बाजार, उच्च विद्यालय रामपुर बुजुर्ग तथा उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रताप छापर का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में अधिकांश विद्यालयों में शिक्षक उपस्थित मिले, लेकिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित शिक्षकों एवं अधिकारियों को छात्र उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र का नियमित रूप से विद्यालय आना सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। केजीबीवी सोहनपुर में पंजीकृत 110 छात्राओं के सापेक्ष केवल 70 छात्राएं उपस्थित मिलने पर उन्होंने छात्राओं की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा । कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं से पाठ्यपुस्तक पढ़वाई तथा उनसे संवाद कर उनकी शैक्षणिक दक्षता का आकलन किया। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों को पठन-पाठन को सुचारु, व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण बनाए रखने के निर्देश दिए । जिलाधिकारी ने विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण बेहतर बनाने, शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा पीएम श्री एवं मॉडल विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के पठन-पाठन की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, बेहतर शिक्षण व्यवस्था तथा छात्र उपस्थिति में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए। भविष्य के निरीक्षण में कमियां मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।




