वकीलों ने चंपत और अनिल के खिलाफ मोर्चा खोला
चंदा चोरी का मामलाः फैजाबाद बार एसोसिएशन ने थाने में दी रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर, रिपोर्ट दर्ज न होने पर लड़ाई आगे तक जारी रहेगीः कालिका मिश्रा
कानपुर। अयोध्या में चंदा चोरी के बाद पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। विरोधी दलों के अलावा साधु संतों को भी भाजपा, संघ और विश्व हिंदू परिषद को घेरने का मौका मिल गया है। राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की तहरीर पर दर्ज एफआईआर के बाद आठ कर्मचारियों को जेल भेजा जा चुका है लेकिन फैजाबाद बार एसोसिएशन ने गुरुवार को कचहरी से श्रीराम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन तक मार्च निकाला। इसके बाद थाने में तहरीर देकर चंपत राय, अनिल मिश्रा और कोषाध्यक्ष कृष्णा मोहन समेत सभी ट्रस्ट के लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने उनको पीली पर्ची थमा दी है।
गत दिनों फैजाबाद बार एसोसिएशन ने बैठक कर चंपत राय समेत तीन पदाधिकारियों को तीन दिन में अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। उसी निर्णय के अनुसार गुरुवार को सुबह अधिवक्ता कचहरी में जमा हुए। इसके बाद मार्च निकालकर पुलिस को तहरीर सौंपी। हालांकि पुलिस ने बाद में अधिवक्ताओं को पीली पर्ची तो दे दी लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज की। फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि तहरीर में ट्रस्टियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो एसपी को तहरीर देंगे। इसके बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगे आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर तुरंत रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। इस दौरान पुलिस से धक्का मुक्की भी हुई। कुछ अधिवक्ताओं ने कहा कि इस दौरान उनको हल्की चोटें भी लगी हैं। बार एसोसिएशन के सौरव मिश्रा, सचिव शैलेंद्र जायसवाल, संजय सिंह, आफताब रजा शेरू ने थाने से पीली पर्ची प्राप्त की है। वकीलों का कहना है कि ट्रस्ट के ब़ड़े पदाधिकारियों की करोड़ों रुपये की चोरी में भूमिका है। इसलिए उनका नाम भी शामिल होना चाहिए। पुलिस ने उनको कचहरी परिसर में ही रोकने की कोशिश की लेकिन कामयाब नहीं हुए। अधिवक्ता चौकी तक पहुंच गए। पुलिस की बैरिकेडिंग भी वकीलों को रोक नहीं पाई है।



