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कुशीनगरक्राइमब्रेकिंग न्यूज़

कुशीनगर:अवैध हास्पिटल पर मौत का सिलसिला जारी

चिकित्सक की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत

चिकित्सको की लापरवाही से दम तोडती जिन्दगी, विब्रान्त हास्पिटल खड्डा का मामला

कुशीनगर। जनपद के खड्डा नगर के महाराणा प्रताप चौक पर स्थित विब्रान्त हास्पिटल के संचालक के गैरजिम्मेदाराना रवैया व आपरेशन के दरमियान चिकित्सक की घोर लापरवाही ने असमय जच्चा-बच्चा को मौत की नींद सुला दिया। चिकित्सक की यह कारस्तानी न सिर्फ चिकित्सकीय पेशा पर सवाल खडा कर रहा है बल्कि धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक जैसे फलसफा को भी कलकिंत कर दिया है। बताया जाता है कि प्रसूता व नवजात की मौत के बाद भी संचालक व चिकित्सक परिजनो से पैसा ऐठने के लिए ” सफल आपरेशन और जच्चा-बच्चा दोनो के स्वास्थ्य होने का दावा करते रहे है। ” शक होने पर परिजनो ने इसकी सूचना पुलिस को दी मौके पर पहुची पुलिस ने अवैध रूप से संचालित विब्रान्त हास्पिटल के डाक्टर सैयद को हिरासत में ले लेकर पूछताछ कर रही है।
बतादे कि हनुमानगंज थाना क्षेत्र के ग्रामसभा रामपुर जंगल निवासी सिकन्दर की 25 पत्नी आसमा खातून गर्भवती थी। शुक्रवार की रात प्रसव पीड़ा होने पर परिजन आसमा को खड्डा के महाराणा प्रताप चौराहे पर संचालित विब्रान्त हास्पिटल लेकर पहुचे जहा चिकित्सक ने आसमा को हास्पिटल में भर्ती करने के बाद आपरेशन करने की बात कही। परिजनों की माने तो रात्रि तकरीबन 11 बजे आसमा का ऑपरेशन किया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा, जच्चा-बच्चा दोनो स्वास्थ्य है लेकिन कुछ ही देर में अस्पताल कर्मियों का व्यवहार बदल गया और बहानेबाजी शुरू हो गई। परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने प्रसूता में खून की कमी बताकर जिला अस्पताल से ब्लड की व्यवस्था करने के नाम पर  पैसों की मांग शुरू कर दी, आसमा की हालत जब अत्यधिक बिगड़ने लगी तो अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि महिला को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाना होगा।

गोरखपुर ले जाने के बहाने सडको पर घूमता रहा सैयद
परिजनों का कहना है खुद को विब्रान्त हास्पिटल का डॉक्टर कहने वाले सैयद प्राइवेट वाहन मे आसमा व उसके नवजात को रखकर गोरखपुर ले जाने के बहाने खड्डा क्षेत्र मे ही घटो सडको पर घुमाते रहे। परिजनों का आरोप है आसमा और उसके नवजात बच्चे की मौत डाक्टर की लापरवाही के कारण हुई है। इसके बावजूद वह जच्चा-बच्चा को जिंदा बताकर घंटो सडको पर लाश घुमाते रहे। शक होने पर उन्होंने सख्ती से सवाल किया तो डॉक्टर सैयद खुद गाड़ी से उतरकर भागने की कोशिश करने लगा। तभी  परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने डॉक्टर सैयद को हिरासत में ले लिया।जांच में सामने आया है कि विब्रान्त हॉस्पिटल बिना किसी पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित हो रहा था। यहां न तो कोई प्रशिक्षित डॉक्टर तैनात थे और न ही प्रसव जैसी गंभीर प्रक्रिया के लिए आवश्यक सुविधाएं मौजूद थीं। यह घटना न केवल मनबढ चिकित्सको की लापरवाही की न सिर्फ तस्वीर बंया कर रही है बल्कि जिला प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा के जिम्मेदारो की जिम्मेदारी की पोल भी खोल कर रख दिया है। शोक में डूबे परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि डॉक्टर सैयद और इस अवैध हॉस्पिटल के अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।फिलहाल खड्डा पुलिस आरोपी डॉक्टर सैयद को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।  हॉस्पिटल को सील किए जाने की प्रक्रिया भी चल रही है। देखना दिलचस्प होगा कि स्वास्थ्य महकमा के लोग कब तक हास्पिटल सील कर रहे है।

एसडीएम बोले
उप जिलाधिकारी खड्डा मोहम्मद जफर ने बताया कि अस्पताल बिना पंजीकरण का संचालित हो रहा था और नियमानुसार अस्पताल के संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है उन्होने कहा कि  मामले में दोषियों को किसी भी हाल में बक्सा नहीं जाएगा।

बोले सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ अनुपम भास्कर का कहना है कि जिले मे अवैध हास्पिटलो के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जायेगी। इसके अलावा जो भी अस्पताल नियम विरुद्ध संचालित होते पाये जायेगे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी।
रिपोर्ट – संजय चाणक्य

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