अभिभावक बच्चों के प्रथम संरक्षक होते हैं, इसलिए उनकी जागरूकता से ही एक सुरक्षित समाज का निर्माण संभव – स्नेहा तिवारी

“मिशन शक्ति फेज-5 के अंतर्गत जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
चन्दौली– उत्तर प्रदेश सरकार की मंशानुसार महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन सुनिश्चित करने हेतु संचालित “मिशन शक्ति फेज-5 (द्वितीय चरण)” के अंतर्गत पुलिस लाइन चन्दौली के नवीन सभागार में एक विशेष जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक चन्दौली आकाश पटेल के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी व क्षेत्राधिकारी सदर देवेन्द्र कुमार द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समाज में उनकी सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विद्यालयों/महाविद्यालयों के शिक्षकगण एवं अभिभावकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम शिविर में उपस्थित महिलाओं, बालिकाओं, शिक्षकगण एवं अभिभावकों को जनपद के थानों पर संचालित मिशन शक्ति हेल्प डेस्क की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन हेल्प डेस्क का उद्देश्य महिलाओं की समस्याओं का गोपनीय, संवेदनशील एवं त्वरित निस्तारण करना है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर (112, 1090, 181, 1076, 1098) के प्रभावी उपयोग के बारे में जानकारी दी गई।
महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके महत्वपूर्ण कानूनी अधिकारों से अवगत कराया गया, जिसमें विशेष रूप से घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न, पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत बालकों/बालिकाओं के संरक्षण से संबंधित प्रावधान शिक्षकगण एवं अभिभावकों को विशेष रूप से जागरूक किया गया कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचित करें एवं बच्चों को भी जागरूक बनाएं।
साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, फिशिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, साइबर बुलिंग आदि से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए गए। उपस्थित छात्राओं, शिक्षकगण एवं अभिभावकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने हेतु प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सकलडीहा स्नेहा तिवारी ने कहा यह जनपदीय पुलिस, विद्यालय और समाज के बीच समन्वय स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। शिक्षक एवं अभिभावक बच्चों के प्रथम संरक्षक होते हैं, इसलिए उनकी जागरूकता से ही एक सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों महिलाओं, बालिकाओं, शिक्षकगण एवं अभिभावकों को महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई। उक्त कार्यक्रम में जिला प्रोवेशन अधिकारी, महिला सहायता प्रकोष्ठ प्रभारी, सुरेन्द्र यादव सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।




