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चंदौली

विद्यार्थी जीवन मे गाइडेन्स,ओबेडिएंट व डिसिप्लिन है तो हमे आगे जाने से कोई रोक नही सकता – डॉ विनोद बिंद

स्कूल के बच्चों ने धूमधाम से मनाया सांसद डॉ विनोद बिंद का जन्म दिन

सफल होने पर सबसे ज्यादा खुशी माता पिता व गुरु को होती है

चन्दौली । सांसद विनोद बिंद का जन्म दिन एक स्कूल के बच्चों ने केक काटकर धूमधाम से मनाया । सांसद डॉ विनोद बिंद एसआईडीए पब्लिक स्कूल में वार्षिक रिपोर्ट कार्ड व पुरष्कार वितरण के लिए बतौर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे । सांसद का स्कूल में प्रवेश करते ही बच्चो ने सरप्राइज करते हुए अपने हाथ मे सांसद डॉ विनोद बिंद का पोस्टर लहराते हुए हैप्पी बर्थडे का गीत गाने लगे । इस अवसर पर भदोही सांसद डॉ विनोद बिंद और उनकी पत्नी प्रमुख समाजसेविका रीना बिंद ने बच्चों को धन्यवाद व अपना आशीर्वाद दिया ।


उन्होंने बच्चो को कहा कि आपने हमारे जन्म दिन को खास बना दिया इसके लिए ढेर सारी शुभकामनाये व बधाई । आप खूब मन लगाकर पढ़िए आगे बढ़िए । जीवन का एक ही लक्ष्य होता है कि पढ़ लिख कर एक अच्छा इंसान बने । उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमे लगातार परिश्र्म करना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए । आज आपलोग जिस तरह से हमारे जन्म दिन की बधाई दिया इसके लिए स्कूल को आभार व्यक्त किया । कहा कि जब हम छोटे होते है तो माता पिताजी हमारा जन्म दिन मनाते रहते है । अगर सफल रहा तो जन्म दिन मनता रहता है, विफल हो गया तो एक समय के बाद जन्म दिन मनना बंद हो जाता है । बच्चो को कहा कि जीवन मे सबसे जरूरी शिक्षा है । इसलिए आपलोग खूब पढ़िए और अपने माता पिताजी का नाम रोशन करे । जब आप सफल हो जाएंगे तो तीन ऐसे इंसान है जिसे सबसे ज्यादा खुशी मिलती है वह है माता पिता व गुरु । उन्होंने कहा कि हमे परमात्मा से मिलाने का कार्य माता पिता व गुरु ही करते है । अगर हम उनके बताए गए रास्ते पर चलेंगे तभी परमात्मा जी दर्शन देंगे । जिनकी आस्था होती है उन्हें ही भगवान दिखाई देते है । जब हमारे अंदर आस्था होगी तो हमारे माता पिता में भगवान दिखाई देगा । कहा कि जनरेटिंग पावर ऑपरेटिंग पावर व
डिसट्रॉय पावर होते है। हमारे ग्रंथो में ब्रम्हा विष्णु महेश तीनो का अलग कार्य है । एक का कार्य जनरेट करना दूसरा का कार्य ऑपरेट करना व तीसरा का कार्य डिस्ट्रॉय करना अर्थात मुक्ति व मोक्ष देना होता है । इसी तरह विद्यार्थी जीवन मे गाइडेन्स ओबेडिएंट व डिसिप्लिन है तो हमे आगे जाने से कोई रोक नही सकता । जीवन मे हमेशा अनुशासित रहे बड़ो का सम्मान करे व उनके आज्ञा का पालन करे । कहा कि हमने तो प्राइमरी स्कूल में पढ़कर आज इस मुकाम पर पहुंचा हू । आज आपके माता पिता अच्छे स्कूल में आपलोगो को शिक्षा दिला रहे है । जीवन इस देश के लिए हुआ है, राष्ट्र के लिए हुआ है और इसका कर्ज चुकाने के लिए आपको पढ़ना पड़ेगा । ततपश्चात बच्चो को प्राइज बांटा । इस दौरान हीरालाल बिंद, डॉ उमाशंकर बिंद, हुकुम चंद्र बिंद,विजय बिंद सहित स्कूल के अघ्यापक व अध्यापिकाएं उपस्थित रहे ।

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