
लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी जिले के पलियाकलां में ग्रामीणों को दुर्लभ प्रजाति का सांप चंद्रनाग का दर्शन हो गया।घुप्प अंधेरे में ही बाहर निकलने वाले बेहद जहरीले चंद्रनाग को ग्रामीणों ने वन्य जीव सेवा मानव सेवा संस्था की मदद से पकड़ने के बाद जंगल में छोड़ दिया।पटिहन क्षेत्र के गांव खुशीपुर में रविवार शाम एक दुर्लभ प्रजाति का सांप दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।सांप अरुण के घर के पास देखा गया।सांप के फन पर चंद्रमा जैसा निशान देखकर लोग दहशत में आ गए।ग्रामीणों ने वन्य जीव सेवा मानव सेवा संस्था के प्रभारी राम गोविंद को सूचना दी।इसके बाद राम गोविंद रेस्क्यू टीम के साथ गांव पहुंचे और सांप को रेस्क्यू कर लिया। राम गोविंद ने ग्रामीणों के साथ सांप को सुरक्षित नहर किनारे दुधवा के जंगल में छोड़ दिया गया। पकड़े गए सांप को स्थानीय भाषा में चंद्रनाग कहा जाता है। यह दुर्लभ प्रजाति का सांप है।इसका वैज्ञानिक नाम मूनकोलेड कोबरा बताया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सांप बहुत कम ही दिखाई देता है। यह सांप जहरीला होता है और प्राय: अंधेरे में निकलता है। कीड़े-मकोड़े इसका प्रिय भोजन है। राम गोविंद ने गांव वालों को इस सांप के बारे में जानकारी दी और उन्हें बताया कि यह चंद्र नाग बेहद जहरीला सांप है। सांप हमारे पर्यावरण का हिस्सा है, इनको कभी नहीं मारना चाहिए। कभी कोई सांप काटे तो सीधे अस्पताल जाएं और झाड़ फूक के चक्कर में न पड़े। यह सांप पलिया क्षेत्र में बसही व संपूर्णानगर में ज्यादा दिखाई देते है।बता दें कि दुधवा के आसपास के इलाकों में पहले भी कई बार दुर्लभ सांप देखे जा चुके हैं।




