
डॉ एके राय/गाजीपुर। जखनियां तहसील क्षेत्र के बहरियाबाद निवासी प्रोफेसर फुरकान कमर को इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ का नया कुलपति बनाये जाने की खबर से जिले के शिक्षाविदों व बुद्धिजीवियों ने हर्ष व्यक्त किया है। प्रोफेसर कमर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और प्रशासक के रूप में जाने जाते हैं। प्रोफेसर कमर जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली के सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं। वह पूर्व में इंटीग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ के कुलाधिपति के मुख्य सलाहकार भी रह चुके हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय और केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के कुलपति के रूप में भी कार्य किया है। केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के वे प्रथम कुलपति थे। प्रोफेसर कमर ने जामिया मेडिकल कॉलेज परियोजना के समन्वयक और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सेंटर फॉर मैनेजमेंट स्टडीज के निदेशक जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर अपनी सेवाएँ दी हैं। उन्होंने भारत में शैक्षणिक सुधारों और प्रबंधन शिक्षा को सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शिक्षा प्रशासन के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है। इनमें स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय से डी.लिट. (मानद उपाधि), राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन शिक्षा सम्मान और पंजाब कॉमर्स एंड मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि प्रोफेसर फुरकान कमर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कमर अहमद (एडवोकेट) के इकलौते पौत्र हैं। उनके पिता सुल्तान अहमद एक किसान थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बहरियाबाद के प्राथमिक विद्यालय से और उच्च शिक्षा लखनऊ से प्राप्त की। उनका विवाह बहरियाबाद निवासी और कश्मीर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति मशीरुल हक की पुत्री अर्शिया से हुआ है। मशीरुल हक की कश्मीर में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।



