
अजित पाण्डेय /वाराणसी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने की तिथि से पूर्व नियुक्त समस्त शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग को लेकर टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर विशाल धरना प्रदर्शन किया गया तथा शिक्षकों की पीड़ा को क्रमबद्ध तरीके से रखते हुए माननीय प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया। शिक्षकों द्वारा 1 सितंबर 2025 को माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय जिसमें सभी शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता बाध्यकारी है। का विरोध करते हुए शिक्षकों ने प्रधानमंत्री से यह आग्रह किया है कि वह लाखों शिक्षकों के हित में संसद में अध्यादेश लाकर इस काले कानून को संशोधित करें या निरस्त करें। जैसे खेल प्रारंभ होने के बाद नियमों में बदलाव नहीं किया जा सकता उसी तरह राइट टू एजुकेशन कानून लागू होने से पूर्व के नियुक्त शिक्षकों पर इस कानून को कैसे लागू किया जा सकता है?
धरने में शिक्षकों ने इस बात पर भी आक्रोश व्यक्त किया कि आज 6 महीने बीत जाने के बाद भी सरकार द्वारा कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं की गई है जिससे लाखों शिक्षकों व उनके परिवारी जनों के समक्ष अपना मान सम्मान व नौकरी बचाने का घोर संकट उत्पन्न हो गया है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कार्यकारी जिला अध्यक्ष ज्योति प्रकाश ने कहा कि शिक्षकों की सरकार से मांग है कि सरकार शीघ्र से शीघ्र शिक्षकों की इस राष्ट्रव्यापी समस्या का निदान निकाले अन्यथा शिक्षकों के सभी दल आपस में एकजुट होकर आक्रामक आंदोलन करने पर बाध्य होंगे होंगे। टीचर फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के ज्ञापन कार्यक्रम में मुख्य रूप से विनोद कुमार उपाध्याय रविंद्र नाथ यादव सनत कुमार सिंह ज्योति भूषण ज्योति प्रकाश कैलाश नाथ यादव अमिताभ मिश्र वीरेंद्र सिंह डॉ संजय गुप्ता अमृता सिंह यशवर्धन त्रिपाठी सहित हजारों शिक्षक व शिक्षिकाएं मौजूद रही।




