Slide 1
Slide 1
गाजीपुरराजनीति

लखनऊ : वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और विनम्रता का जीवंत उदाहरण बने राजनाथ

लखनऊ/ शाश्वत तिवारी ।  गोमतीनगर जनकल्याण महासमिति के वार्षिकोत्सव में लखनऊ के सांसद एवं देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन से उपस्थित जनसमूह को भावनात्मक और विकासोन्मुख दोनों ही स्तरों पर प्रभावित किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 95 वर्षीय वयोवृद्ध यज्ञदत्त शर्मा के मंच से चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, जो भारतीय संस्कृति में वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और विनम्रता का जीवंत उदाहरण बना। यह दृश्य कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण बन गया और उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ इसका स्वागत किया। अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि गोमतीनगर में विकसित हो रहा नया आधुनिक रेलवे स्टेशन एशिया के सबसे बड़े और अत्याधुनिक स्टेशनों में से एक बनने जा रहा है। उन्होंने इसे लखनऊ के बदलते स्वरूप और तेज़ी से हो रहे शहरी विकास का प्रतीक बताया। उन्होंने लखनऊ के समग्र विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर के चारों दिशाओं में हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, सड़क, मेट्रो, आवासीय परियोजनाएं और व्यावसायिक केंद्र, एक नई पहचान गढ़ रहे हैं।

इस संदर्भ में उन्होंने दिवाकर त्रिपाठी की परिकल्पना और उनकी निष्पक्ष एवं सतत निगरानी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समर्पित प्रयास ही किसी शहर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाते हैं। रक्षा मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी के संदर्भ में भी लखनऊ की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लखनऊ एयरपोर्ट देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स में शामिल हो चुका है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के विस्तार के साथ यह उत्तर भारत के एक महत्वपूर्ण एविएशन हब के रूप में उभर रहा है। सके अतिरिक्त, उन्होंने कुछ और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी जोर दिया, उन्होंने कहा कि भारत रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है और लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि कौशल विकास, स्टार्टअप और नवाचार के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि लखनऊ का विकास केवल भौतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को संरक्षित रखते हुए हो रहा है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत लखनऊ में डिजिटल सुविधाओं, सुरक्षा प्रणाली और नागरिक सेवाओं को और अधिक सशक्त किया जा रहा है। उन्होंने जनकल्याण महासमिति जैसे संगठनों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि समाज के विकास में जनसहभागिता अनिवार्य है। अपने संबोधन के अंत में राजनाथ सिंह ने विश्वास जताया कि लखनऊ आने वाले वर्षों में न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के विकास का एक प्रमुख केंद्र बनेगा, जहाँ आधुनिकता और परंपरा का संतुलित संगम देखने को मिलेगा।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button