
इस मौके पर विचार और काव्य गोष्ठी का हुआ आयोजन
गाजीपुर। नगर के लंका स्थित सिद्धेश्वर नगर कॉलोनी में ख्यातिलब्ध होमियोपैथिक चिकित्सक एवं कवि स्मृतिशेष डा.के.एन.लाल की तृतीय पुण्यतिथि के अवसर पर विचार-गोष्ठी एवं कवि-गोष्ठी का आयोजन किया गया।जिसकी अध्यक्षता महाकवि कामेश्वर द्विवेदी एवं संचालन सुपरिचित नवगीतकार डॉ.अक्षय पाण्डेय ने किया।गोष्ठी का शुभारम्भ डा.के.एन.लाल के चित्र पर माल्यार्पण के उपरान्त महाकवि कामेश्वर द्विवेदी की वाणी-वन्दना से हुआ। आयोजक उनके कनिष्ठ सुपुत्र,अधिवक्ता घनश्याम लाल श्रीवास्तव ने कवियों एवं आगन्तुक श्रोताओं को अंगवस्त्र के द्वारा अलंकृत कर वाचिक स्वागत किया। प्रथमत: अखिलेश्वर प्रसाद सिंह,जवाहिर राय एवं दिनेश सिंह डा.के.एन.लाल के व्यक्तित्व-कृतित्व से जुड़े भावपूर्ण संस्मरणों को प्रस्तुत किये। कविगोष्ठी में युवा शायर गोपाल गौरव ने अपनी ग़ज़ल “जब कि हम और तुम एक ही डाल के/लग रहे क्यों मुझे अजनबी की तरह” सुना कर खूब वाहवाही लूटी। इसी क्रम में नवगीतकार डाॅ.अक्षय पाण्डेय ने अपना नवगीत “शब्दों की दुनिया नकली है/ नकली है संवेदन/दिखा न पाते रूप सही अब/ अन्धे हो गए दर्पन/नहीं उतर पा रही समय की कविता में सच्चाई/सुना रहे हैं कवि जी
हँसकर मंचों पर कविताई।” प्रस्तुत कर अतीव प्रशंसा अर्जित की। साहित्य चेतना समाज के संस्थापक एवं वरिष्ठ व्यंग्यकार अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ ने अपनी व्यंग्य-कविता “जाऊॅं विदेश तो किस देश/बहुत सोचा, दिमाग दौड़ाया/अन्त में अपना देश ही भाया” खूब प्रशंसित हुई। भोजपुरी एवं हिन्दी के गीतकार हरिशंकर पाण्डेय अपना भोजपुरी गीत “सब तरक्की के सोपान चढ़ते रहे/इस तरक्की में अब लापता है पिता” प्रस्तुत कर अतिशय तालियाॅं बटोरी।ओज के वरिष्ठ कवि दिनेशचन्द्र शर्मा ने “वर्षों बीत गए आपको गंगा में समाहित हुए/फिर भी बार-बार नमन है आप की आत्मा के लिए” सुनाकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। अध्यक्षीय काव्यपाठ करते हुए नगर के महाकाव्यकार कामेश्वर द्विवेदी ने अपनी छान्दस कविता “हमारे पूज्य पूर्वजों से मिला है जो संस्कार/तार-तार हो रहा है उसको बचाना है/बार-बार अनुरोध यही कर जोड़ कर/छोड़ कर पशुता मनुजता को लाना है ” सुना कर वाहवाही अर्जित की।
इस सरस काव्यगोष्ठी में श्रोता के रूप में जोखू राय, गोविन्द श्रीवास्तव, डॉ.अल्पना गौड़, प्रीति श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे। अन्त में डा.के.एन.लाल के बड़े पुत्र,एन्टोनी कंपनी मुम्बई के सी.ई.ओ.वंशीधर श्रीवास्तव ने समस्त प्रस्तुतियों की भूरिश: प्रशंसा करते हुए आगन्तुक कवियों एवं श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।




