
नई दिल्ली। भारत और चीन ने द्विपक्षीय संबंधों में सुधार करते हुए व्यापारिक चिंताओं के समाधान और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने पर महत्वपूर्ण चर्चा की है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी और चीन के उप विदेश मंत्री मा झाओक्सू ने यहां 10 फरवरी को संबंधों को स्थिर करने के अलावा हवाई सेवा समझौते को अपडेट करने पर चर्चा की। यही नहीं चीन की ओर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का सम्मान करने की बात भी कही गई है, जोकि बदलते जियोपॉलिटिक्स के दौरान दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास एवं सुधरते रिश्तों को दर्शाता है। दरअसल झाओक्सू में आयोजित ब्रिक्स शेरपा मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए भारत आए थे। इस दौरान उन्होंने मिसरी के साथ इंडिया-चाइना स्ट्रेटेजिक डायलॉग में भी हिस्सा लिया। यह चर्चा मुख्य रूप से द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने और फिर से बनाने में हुई हालिया प्रगति तथा द्विपक्षीय जुड़ाव को आगे बढ़ाने के तरीकों पर केंद्रित रही। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों में पूरी प्रगति के लिए सीमा क्षेत्रों में शांति और अमन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार से संबंधित मुद्दों और चिंताओं पर राजनीतिक और रणनीतिक दिशा से आगे बढ़ने की जरूरत सहित अपने नेताओं द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश सचिव ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के पैमाने के लगातार विस्तार की उम्मीद जताई। दोनों पक्षों ने एक अपडेटेड एयर सर्विसेज एग्रीमेंट को जल्द पूरा करने की जरूरत को माना। दोनों पक्ष वीजा की सुविधा के लिए प्रैक्टिकल कदम उठाने और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने पर सहमत हुए। मंत्रालय ने कहा दोनों पक्षों ने इस साल भारत की ब्रिक्स चेयरशिप के संदर्भ में मल्टीलेटरल सहयोग पर चर्चा की। चीनी पक्ष ने भारत में एक सफल ब्रिक्स समिट के लिए अपना समर्थन जताया। उप विदेश मंत्री झाओक्सू ने यह भी बताया कि चीन यूएनएससी मेंबरशिप के लिए भारत की उम्मीदों को समझता है और उनका सम्मान करता है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)




