गाजीपुर : ब्रह्मर्षि जागरण चौपाल के आठवें दिन समाज के उच्च शिक्षा पर दिया जोर

संवाददाता। मुहम्मदाबाद स्थानीय तहसील अंतर्गत फिरोजपुर गांव में ब्रह्मर्षि वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में संचालित “ब्रह्मर्षि जागरण चौपाल” भ्रमण महाभियान का आठवां दिन सकुशल एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने गाजीपुर जनपद के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर चौपाल बैठकों के माध्यम से समाजिक जागरूकता का संदेश दिया। इस बैठक में उच्च शिक्षा में प्रगति, विकास एवं सहभागिता पर जोर दिया गया।
महाभियान के आठवें दिन फिरोजपुर गांव में चौपाल का आयोजन किया गया, जहां समाज हित, आपसी समरसता, संगठन की मजबूती और भविष्य की दिशा को लेकर व्यापक चर्चा हुई। वक्ताओं द्वारा शिक्षा के स्तर में सुधार एवं विकास हेतु आवश्यक रूपरेखा तैयार करने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया गया।
इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र राय ‘बबलू’ ने अपने वक्तव्य में कहा कि “समाज की उन्नति तभी संभव है जब हम आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर आगे बढ़ें। ब्रह्मर्षि जागरण चौपाल का उद्देश्य समाज को संगठित करना, नई पीढ़ी को जागरूक करना और समाज हित में सकारात्मक सोच विकसित करना है।” उन्होंने कहा कि यह महाभियान समाज को नई दिशा देने का कार्य करेगा। वहीं राष्ट्रीय प्रवक्ता त्रिलोकी नाथ राय ने कहा कि “यह भ्रमण महाभियान केवल बैठक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के भीतर बिखरे रिश्तों को जोड़ने और सामाजिक चेतना को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है।
शिक्षा के स्तर में सुधार एवं उच्च शिक्षा में योगदान के लिए विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम लगातार कई दिनों तक चलाया जाएगा और हर क्षेत्र में समाज के लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में प्रदेश संगठन मंत्री रासबिहारी राय, जिला महामंत्री प्रमोद राय, जिला संगठन मंत्री राकेश रंजन राय, ग्राम प्रधान दीनबंधु राय , जिला संगठन मंत्री राकेश रंजन राय एवं फिरोजपुर गांव से विजयशंकर राय,विनोद राय, गोरख राय, शिवजी राय, अरविंद राय, हंसनारायण राय, आनंद शंकर राय, श्री अंजनी राय शर्मा , अनिल राय, नितेश राय, सूर्यकांत राय, शिवम राय, सूर्यजीत राय, कुलमयंक राय, वेदव्यास राय , केशव राय, आनंद राय, सतेंद्र राय,नागेश्वर राय, संतोष राय इत्यादि बड़ी संख्या में संगठन पदाधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। फिरोजपुर गांव के सैकड़ों लोगों की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम के अंत में समाज को संगठित रखने और ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया। पूरा वातावरण सामाजिक चेतना और एकजुटता की भावना से ओत-प्रोत नजर आया।



