
कुरआन दुनिया मे कामयाबी की जमानत है: मौलाना सैयद शाने आलम
अल अक्सा कमेटी द्वारा इस्लाह मआशरा व जश्ने ग़ौसुल वरा कांफ्रेंस हुआ सम्पन्न
ब्यूरो चीफ आफ़ताब अंसारी की रिपोर्ट…..
भदोही। मुहल्ला गोरियाना स्थित कुजराने वाली मस्जिद के सामने मैदान में बीती रात इस्लाह मआशरा व जश्ने ग़ौसुल वरा कांफ्रेंस का आयोजन किया गया है। कांफ्रेंस का आगाज़ हाफ़िज़ व कारी अली रज़ा व हाफिज कारी फहद अत्तारी ने किया। उसके बाद मद्दाहे खैरुल अनाम सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम शायर शायर कासिम नदीमी, अयान अख्तर, अब्दुल कादिर, कैस रजा ने नाते नबी पढ़ कर लोगो को झूमने पर मजबूर कर दिया। मेम्बरे नूर पे जलवाबार हजरत अल्लामा व मौलाना मो0 हाशिम अशरफी ने इस्लाही तकरीर करते हुए कहा कि मजहबे इस्लाम अमन और शांति का मजहब है। कहा मेरे नबी का एक-एक फरमान दुनिया वालो के लिए दर्स है। कहा नबी ने औरतों और बच्चियों के हक व हुक़ूक़ की बहोत बड़ी अहमियत दी है। कहा बेटियों और बहनों की हक को अदा करो। निकाह को आसान करो जैसा कि नबी की सुन्नत है। मौलाना सैयद शाने आलम ने कहा आपने बच्चों को इस्लामी सांचे में ढालो, इल्म सिखाओ। आज हमारा समाज तालीम से कोसो दूर नज़र आ रहा है। कहा तालीम वह रौशनी जिससे घर, परिवार व समाज को रौशनी बख्शी जा सकती है। बगैर तालीम के हम तरक्की नही कर सकते। कहा अगर इज्जत और बुलंदी चाहते हो तो नमाज और कुरआन पढ़ो। कुरआन के पढ़ने से हर मुसीबतें टल जाती है। कुरआन पढ़ना दुनिया मे कामयाबी की जमानत है। कांफ्रेंस की सदारत इमामे ईदगाह हाफ़िज अशफाक रब्बानी ने की व सरपरस्ती उस्तादुल हुफ्फाज़ हाफ़िज़ परवेज़ उर्फ अच्छे मियां ने किया। निजामत आसिफ बरकाती ने की। मेम्बरे नूर पे जलवा अफ़रोज़ मौलाना मुफ़्ती ज़ाकिर इस्माइली, हाफ़िज फ़हद अत्तारी, हाफ़िज अली रजा, हाफ़िज रेहान रहे। वहीं कांफ्रेंस के बानी हाफ़िज़ व मौलाना अरफ़ात हुसैन ने आए हुए सामेइन का शुक्रिया अदा किया।




