गाजीपुर: संतो महापुरुषों के आध्यात्मिक विचारों को आत्मसात कर हिंदू संस्कृति को ऊंचाई पर ले जाएं- रमेश जी

डॉ एके राय
गाजीपुर। सलेमपुर बधाई सादात स्थित आनंद भवन में
हिन्दू सम्मेलन संपन्न हुआ। डॉ संतोष कुमार यादव के आवास पर सम्पन्न। मुख्य वक्ता प्रांत प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी प्रांत रमेश जी रहे।उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि “हिन्दू संस्कृति अति प्राचीन है जो शाश्वत और सनातन है। हमारे मनीषियों और महापुरुषों ने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम, सर्वे भवन्तु सुखिनः की पवित्र भावना से मानवता को जोड़ने का काम किया। प्राचीन काल में पूरा हिन्दू समाज एक और नेक था, परंतु कालांतर में समाज जातियों, भाषाओं और रुढियों में बंट गया जिसके फलस्वरुप हम कई सौ वर्षों तक गुलामी की दासता में जीने को मजबूर हो गए। इससे हमारा धन, राज्य, जमीन,धर्म और स्वाभिमान सब खत्म हो गया था परंतु हमारे महापुरुषों, संतों देश भक्तों ने अपने सर्वस्व का बलिदान देकर पुनः स्वतंत्र होकर जीने का अवसर दिया। परंतु आज फिर हम जाति, पंथ, भाषा, ऊँच- नीच में बटते जा रहे हैं। फलस्वरुप हम कमजोर हो रहे हैं।
आज समय की जरूरत है कि फिर से हम संतों महापुरुषों के आध्यात्मिक विचारों को आत्मसात कर एक बने। आपस में भाई चारा स्थापित हो और हिंदू संस्कृति को पुनः ऊँचाई पर ले जाएं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात धर्मगुरु परम पूज्य श्री सतपाल जी महाराज के आत्म अनुभवी शिष्य महात्मा श्री सारथानंद जी ने कहा कि हमारा समाज तभी एक हो सकता है जब हम सबके अंदर छुपे हुए उस एक आत्म तत्व को जानेंगे। जिसका ज्ञान प्रभु राम ने हनुमान को कराया। कृष्ण ने अर्जुन को कराया और सभी सच्चे गुरुओं ने अपने शिष्यों को उनके हृदय के अंदर जगाया। जब हम उसको जानेंगे तब सबके अंदर उसी एक प्रभु का दर्शन करेंगे तो सारे भेद भाव खत्म हो जाएंगे और हम एक और नेक बनकर इस देश, धर्म और समाज की सेवा करेंगे।
विशिष्ट अतिथि साध्वी महात्मा दयावती बाई ने कहाकि आज मानव धर्म के प्रणेता हमारे सद्गुरु देव श्री सतपाल जी महाराज सनातन धर्म और संस्कृति का ध्वज भारत ही नहीं पूरी दुनिया के कोने-कोने में फहराकर भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हम जब संतों के बताये मार्ग पर चलेंगे तभी हमारा जीवन सार्थक होगा और हमारा और हमारे धर्म, समाज और संस्कृति की सेवा करेंगे। डॉ संतोष कुमार मिश्र की अध्यक्षता व आयोजक डॉ. संतोष कुमार यादव के संचालन में सम्पन्न कार्यक्रम में शीत लहर के बावजूद भारी संख्या में उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम में भजन कीर्तन, सत्संग, प्रसाद का आनंद लेते हुए एक और नेक बनने का संकल्प लिया।




